अन्नदाता का हक नहीं मार पाएंगे बिचौलिए : राजेश नागर

- मंडियों में अब तक लगभग 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई - करीब 188 करोड़ रुपए की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर

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हरियाणा सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सूझबूझ के कारण आज बिचौलिए हमारे अन्नदाता का हक नहीं मार पा रहे हैं।

फरीदाबाद: हरियाणा सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सूझबूझ के कारण आज बिचौलिए हमारे अन्नदाता का हक नहीं मार पा रहे हैं। हमने सीएम की अगुवाई में मंडियों की खरीद फरोख्त व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर बिचौलियों की संभावना को खत्म कर दिया है।

खाद्य आपूर्ति मंत्री श्री राजेश नागर
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की मंडियों में रबी फसल की सफलतापूर्वक खरीद हो रही है और अब तक मंडियों में करीब 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें करीब 2.44 लाख किसानों के 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन होने के उपरांत 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी हो गई और करीब 188 करोड़ रुपए की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे पहुंच भी गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में रबी खरीद सीजन 2026 - 27 के दौरान सरसों की खरीद 28 मार्च 2026 एवं गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से आरम्भ हो चुकी है। भारत सरकार द्वारा सरसों एवं गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य क्रमशः 6200 और 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके तहत सरसों की खरीद के लिए 112 मंडियों अथवा खरीद केंद्रों और गेहूं की खरीद के लिए 416 मंडियों अथवा खरीद केंद्रों सहित 264 अतिरिक्त खरीद स्थानों पर भी फसल की खरीद जारी है।
मंत्री राजेश नागर ने बताया कि राज्य में सरसों की खरीद हैफेड एवं गेहूं की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को ओर अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शिता बढ़ाने हेतु नए प्रावधान किये गए जिसमें किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन, वाहन का रजिस्ट्रशन नंबर, मंडियों/खरीद केंद्रों की जियो फेंसिंग, कैमरे आदि की व्यवस्था की गई। जिससे किसानों के समय की बचत हो रही है वहीं अन्नदाता के हक में सेंध लगाने की हर संभावना को खत्म कर दिया गया है।
खाद्य मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष रबी खरीद सीजन 2025 - 2026 के दौरान 12 अप्रैल 2025 तक राज्य भर की मंडियों में लगभग 20.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी और लगभग 10.47 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी और 174.39 करोड़ राशि का भुगतान किसानों की किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा राज्य की मंडियों और खरीद केंद्रों में किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु 1281 मशीनें, 407 आँख की पुतली से पहचान (Iris Scanning devices) मशीनें स्थापित की गई हैं। इसके अलावा 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पर पंजीकृत किसान स्वयं अथवा उस द्वारा मनोनीत प्रतिनिधियों में से कोई भी एक व्यक्ति, मंडी में अपना बायोमेट्रिक सत्यापन करके फसल बेच सकता है।

राजेश नागर ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 2500 और 114 तकनीकी स्टाफ नियुक्त किया गया है। वहीं राज्य की मंडियों में लगभग 932 कैमरे स्थापित किये गए हैं जिससे मंडियों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने खाद्यान्नों की खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं और राज्य के किसानों को अपनी उपज की बिक्री करने में कोई परेशानी नहीं आने नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से उनका एक - एक दाने की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है

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