जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम किये जाने की घटना पर लिया कड़ा संज्ञान -सडक़मार्ग अवरूद्घ करना उचित नहीं, कोई भी समस्या हो तो प्रशासन को दें शिकायत: उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ
-कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं, सडक़ मार्ग अवरूद्घ करने वालों पर करेंगे मामला दर्ज: पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल -उपायुक्त की अध्यक्षता में पलवल औद्योगिक एसोसिएशन व उद्योगपतियों की बैठक संपन्न
सडक़ मार्ग अवरूद्घ किये जाने की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से सोमवार की सांयकाल लघु सचिवालय में पलवल औद्योगिक एसोसिएशन और उद्योगपतियों की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ कर रहे थे।
पलवल:राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने की घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि ऐसा करना उचित नहीं है। यदि श्रमिकों को कोई समस्या हो तो उन्हें पहले प्रशासन को शिकायत देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के मालिकों व प्रबंधन को भी चेताया कि वे भी श्रमिकों के हितों का पूर्ण ध्यान रखें। यदि भविष्य में इस प्रकार की घटना हुई तो संबंधित कंपनी प्रबंधन सहित संबंधित श्रमिकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सडक़ मार्ग अवरूद्घ किये जाने की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से सोमवार की सांयकाल लघु सचिवालय में पलवल औद्योगिक एसोसिएशन और उद्योगपतियों की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ कर रहे थे। पुलिस-प्रशासन ने सोमवार की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध किये जाने की घटना पर कड़ा संज्ञान लिया है।

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में न्यूनतम वेतन में वृद्धि की घोषणा की है, जिसकी मांग को लेकर ही निजी कंपनी के कर्मचारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध किया। उन्होंने कंपनी के मालिकों से सवाल किया कि उन्होंने अपने कर्मचारियों को इस संदर्भ में आश्वस्त क्यों नहीं किया। कंपनी प्रबंधन को चाहिए था कि वे इस संदर्भ में नोटिस बोर्ड पर श्रमिकों के लिए सूचना प्रसारित करते। उन्होंने सभी कंपनियों के प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे अपनी कंपनी में इस संदर्भ में नोटिस अवश्य लगायें कि बढ़ी हुई न्यूनतम वेतन वृद्धि को लागू किया जाएगा।
उपायुक्त डा. वशिष्ठ ने कहा कि आज के दौर में हर व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति सजग है। लोगों को जागरूक होना भी चाहिए। इसलिए इस प्रकार की घोषणाओं को लेकर कंपनी प्रबंधन को तुरंत प्रभाव से कदम आगे बढ़ाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने औद्योगिक इकाइयों का आह्वान किया कि वे सीएसआर संबंधी पूर्ण सूचना जिला प्रशासन को मुहैया करवायें। उन्होंने कहा कि पलवल की औद्योगिक इकाइयों का सीएसआर का पैसा पलवल में ही लगना चाहिए। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है, जिसके लिए औद्योगिक इकाइयों को प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। औद्योगिक इकाइयों को बेहतरीन तालमेल के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने भी राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरूद्घ किये जाने की घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। आज की सडक़ मार्ग अवरूद्घ किए जाने की घटना ने जिले की छवि को धूमिल किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कंपनियों के प्रबंधकों से कांट्रेक्टर तथा श्रमिकों के साथ वेतन अनुबंध की जानकारी भी मांगी। उन्होंने कहा कि कोई भी कांट्रेक्टर अवैध तरीके से श्रमिकों के हितों का दोहन नहीं हर सकता।
इस मौके पर पलवल के एसडीएम भूपेंद्र सिंह, नगराधीश प्रीति रावत, डीएसपी नरेंद्र खटाना, डीएसपी साहिल ढिल्लो सहित श्रमिक विभाग के सहायक श्रम आयुक्त जीडी कादयान, सहायक निदेशक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुमित स्योरान, ज्वाइंट डायरेक्टर डीआईसी एमएसएमई दिग्विजय तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संचालक मौजूद थे।


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