एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के तहत जिला पलवल की 10936 किशोरियों का किया जाएगा निशुल्क टीकाकरण
जनभागीदारी और जन जागरूकता से भारत 2030 तक होगा सर्वाइकल कैंसर मुक्त : उपायुक्त डा. वशिष्ठ
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जिला में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला पलवल में 14 वर्ष से ऊपर और 15 वर्ष से नीचे आयु वर्ग की 10936 किशोरियों का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पलवल: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जिला में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला पलवल में 14 वर्ष से ऊपर और 15 वर्ष से नीचे आयु वर्ग की 10936 किशोरियों का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन अभियान की तैयारियों और अभियान के सफल संचालन को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण को सम्पूर्ण देश में लागू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल/ग्रीवा कैंसर को समाप्त करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में एचपीवी अभियान के तहत सभी पात्र किशोरियों कवर किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे टीकाकरण के समय आधार लिंकड नंबर अपने पास रखें जिस पर ओटीपी आएगा और यह टीकाकरण के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एचपीवी अभियान का उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव प्रदान करना है। इसके तहत जिला में 14 वर्ष से 15 वर्ष आयु से नीचे वर्ग की लगभग 10936 किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत को 2030 तक सर्वाकल कैंसर मुक्त करना है, जो सभी के सहयोग से ही संभव है।
निशुल्क लगाई जाएगी 8,000 से 10000 रुपये कीमत वाली वैक्सीन : उपायुक्त
उपायुक्त ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बाजार में लगभग 8,000 से 10000 रुपये की कीमत वाली यह वैक्सीन किशोरियों को नि:शुल्क लगाई जाएगी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे विद्यालयों में कैंप लगाकर निर्धारित आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करें और इस बारे अधिक से अधिक जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि एचपीवी पूरी तरह टेस्टिड है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि टीकारण से पूर्व अभिभावकों से स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर लें। उन्होंने जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग, जिला शिक्षा विभाग, आंगनवाड़ी वर्करों को घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि टीकाकरण का शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पात्र किशोरियों की विस्तृत सूची समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि टीकाकरण अभियान में किसी भी योग्य लाभार्थी को वंचित न रहना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने पीटीएम (अभिभावक-शिक्षक बैठक) के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर दिया, जिससे टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति न रहे। टीकाकरण के उपरांत किशोरियों के परिजनों के संपर्क नंबर अवश्य नोट किए जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि यह टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहा है जिसका उद्देश्य किशोरियों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित करना है।
बैठक में एसडीएम होडल बलीना, एसडीएम हथीन अप्रतिम सिंह, सीटीएम प्रीति रावत, सीएमओ डा. सतेंद्र वशिष्ठ, उप सिविल सर्जन चाइल्ड हेल्थ केयर डा. संजीव तंवर, उप सिविल सर्जन डा. रामेश्वरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।




