Gurugram News: बालकनाथ मंदिर व गोशाला तोड़े जाने के विरोध में हुई महापंचायत, आज डीसी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे
प्रवक्ताओं का आरोप- प्रशासन कर रहा बिल्डर के लिए काम, सोमवार को बड़ी संख्या में लघु सचिवालय पर जुटेंगे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता
सेक्टर-50 स्थित आदमपुर झाड़सा गांव में बाबा बालकनाथ मंदिर, गोशाला और समाधि स्थल को तोड़े जाने का मामला रविवार को एक बार फिर गरमा गया। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम और नगर व ग्राम नियोजन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई के विरोध में रविवार को ग्रामीणों और प्रदेशभर से जुटे हिंदू संगठनों के सदस्यों व संत-महात्माओं ने एक महापंचायत की। मंदिर परिसर में आयोजित इस महापंचायत की अध्यक्षता 360 खाप के प्रधान छतर सिंह ठाकरान ने की।
गुरुग्राम: सेक्टर-50 स्थित आदमपुर झाड़सा गांव में बाबा बालकनाथ मंदिर, गोशाला और समाधि स्थल को तोड़े जाने का मामला रविवार को एक बार फिर गरमा गया। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम और नगर व ग्राम नियोजन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई के विरोध में रविवार को ग्रामीणों और प्रदेशभर से जुटे हिंदू संगठनों के सदस्यों व संत-महात्माओं ने एक महापंचायत की।
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मंदिर परिसर में आयोजित इस महापंचायत की अध्यक्षता 360 खाप के प्रधान छतर सिंह ठाकरान ने की। जिसमें संतों ने कहा कि यह प्राचीन मंदिर है। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि इस तरह सनातन पर प्रहार किया जाता है तो उनके लिए प्राण त्यागना होगा। शासन-प्रशासन इस मंदिर परिसर के खंडित किए गए स्ट्रक्चर को दोबारा बनवाएं, अन्यथा उन्हें बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। इस दौरान सूबे सिंह बोहरा ने कहा कि प्रशासन बिल्डर के लिए काम कर रहा है और इसकी लड़ाई लड़ने के लिए ग्रामीण पीछे नहीं हटेंगे। वहीं हिंदू नेता कुलभूषण भारद्वाज एडवोकेट ने कड़ा विरोध जताया और उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीणों व पुजारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनके केस वापस नहीं लिए गए तो कोर्ट का भी सहारा लेंगे और रविवार को डीसी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप जेलदार ने कहा कि प्रशासन ने डाकू की तरह रात में मंदिर तोड़े गए हैं। महेंद्र सिंह ठाकरान, पर्वत सिंह ठाकरान एडवोकेट, पूर्व सरपंच राजबीर ठाकरान, वेद ठाकरान, सतबीर तंवर एडवोकेट, पार्षद गगनदीप, पूर्व पार्षद हेमंत, भाजपा नेता प्रवीन चंद्रा व हरेंद्र रावत विहिप नेता, अरुण ठाकरान, मंजीत सिंह ठाकरान ने भी अपने विचार रखे।
प्रशासन से की तीन मांगे रखी: ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर स्ट्रक्चर का निर्माण, ग्रामीणों के खिलाफ दी शिकायत की वापसी और गोशाला में सभी गाय और उनके बच्चों को वापस लाया जाए। इन तीन मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल कल डीसी से मुलाकात करेगा। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती हैं तो वे मुख्यमंत्री नायब सैनी के सामने गुहार लगाएंगे। मंदिर तोड़े जाने से इलाके के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में प्रशासन के प्रति भारी रोष है, जिसके चलते पूरे सेक्टर-50 एरिया में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा चुकी है।
पशु और मूर्तियां गौशाला में शिफ्ट की: स्थानीय ग्रामीणों और नाथ पंथ के साधुओं का आरोप है कि प्रशासन ने बेहद तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 16 घंटे तक चली कार्रवाई में शिव मंदिर को छोड़कर परिसर में बने पांच अन्य मंदिर, गोशाला और समाधि समेत कई निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में स्थापित प्राचीन देवी-देवताओं की मूर्तियों को रातों-रात हटा दिया गया और वहां मौजूद गोशाला से करीब 35 गाय और बछड़ों को बलपूर्वक कार्टरपुरी गोशाला शिफ्ट कर दिया गया।
ग्रामीणों व बाबा बालक नाथा का दावा-यह जमीन झाड़सा पंचायत ने दान की थी: इस पूरे विवाद पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का तर्क था कि यह करीब चार एकड़ जमीन सरकारी है और इस पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से कब्जेधारियों को बार-बार बेदखली के नोटिस दिए जा रहे थे और नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद ही यह कानूनी तोड़फोड़ की गई है। दूसरी तरफ तिजारा विधायक महंत बालकनाथ का दावा था है कि यह धार्मिक स्थल करीब 100 से 150 साल पुराना है। ग्रामीणों के अनुसार, यह जमीन मूल रूप से झाड़सा गांव की पंचायत ने बाबा बालकनाथ आश्रम और पूजा-पाठ के लिए दान में दी थी। लोगों का आरोप है कि प्रशासन बड़े निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए भू-माफियाओं के दबाव में काम कर रहा है और सरकार को इस मामले की सही जानकारी नहीं दी गई।




