Kaithal/Gulha Cheeka News: चीका में दूध व घी के रेट बढ़ाने के लिए डायरी संचालकों एवं पशुपालकों ने की बैठक
भैंस का दूध 100 रुपए व गाय का दूध 80 रुपए प्रति लिटर बेचने की घोषणा
आज यहां डेयरी संचालकों एवं पशुपालकों की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें गुहला चीका में डेयरी संचालकों और पशुपालकों ने दूध-घी के रेट बढ़ाने का फैसला किया है। बैठक में तय किया गया कि 1 अक्टूबर से भैंस का दूध 100 रुपए प्रति लीटर और गाय का दूध 80 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा। वहीं, दूध और घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 5,100 रुपए जुर्माना लगाने का भी फैसला लिया गया है।
गुहला चीका: आज यहां डेयरी संचालकों एवं पशुपालकों की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें गुहला चीका में डेयरी संचालकों और पशुपालकों ने दूध-घी के रेट बढ़ाने का फैसला किया है। बैठक में तय किया गया कि 1 अक्टूबर से भैंस का दूध 100 रुपए प्रति लीटर और गाय का दूध 80 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा। वहीं, दूध और घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 5,100 रुपए जुर्माना लगाने का भी फैसला लिया गया है। बैठक में भैंस के घी का भाव 1,500 रुपए और गाय के घी का भाव 2,200 रुपए प्रति किलो करने पर सहमति बनी। डायरी संचालकों ने कहा कि इससे पहले, हिसार, जींद, कुरुक्षेत्र और नारनौल के कई गांव में भी दूध और घी के रेट बढ़ाने के फैसले लिए जा चुके हैं। कैथल के पाई गांव में भी पशुपालक रेट बढ़ा चुके हैं। परंतु गुहला चीका में अभी तक रेट नहीं बढ़ाए गए थे, जिसके चलते उन्होंने भी दूध व घी के रेट बढ़ाने का निर्णय लिया।
चारे की बढ़ती कीमतों का दिया हवाला: चीका के पटियाला रोड़ स्थित किसान भवन में सर छोटूराम जनकल्याण ट्रस्ट में डेयरी संचालकों और पशुपालकों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता चौधरी महासिंह डेयरी के संचालक हरबंस सीड़ा ने की। बैठक में बढ़ती महंगाई और डेयरी कारोबार की बढ़ती लागत पर चर्चा की गई। डेयरी संचालकों और पशुपालकों ने सर्वसम्मति से दूध और घी के नए भाव निर्धारित करने का निर्णय लिया।
खल का कट्टा 3 हजार का मिल रहा:हरबंस सीड़ा ने कहा कि पिछले कुछ समय से पशुओं के चारे और अन्य सामान के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। भैंसों को खिलाई जाने वाली खल का कट्टा पहले करीब 1,800 रुपए में मिलता था, जो अब करीब 3,000 रुपए का हो गया है। उन्होंने बताया कि सरसों के तेल सहित पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य आहार की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ती लागत के कारण डेयरी संचालकों और पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है।
मिलावट करने वालों पर 5,100 रुपए जुर्माना: बैठक में तय किया गया कि जब ग्राहकों से उपरोक्त दामों में दूध व घी दिया जाएगा, तो ग्राहकों को भी बिना किसी मिलावट के दूध या घी देने की जिम्मेवारी तय की गई है। सीड़ा ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि यदि दूध या घी में मिलावट कर बेचने की शिकायत आई और वह सही पाई गई, तो मिलावट करने वाले व्यक्ति पर 5,100 रुपए जुर्माना भी लगाया जाएगा। बैठक में रतिराम सीड़ा, बलकार बल्लू, देवी दयाल, अमर सिंह, हरभजन सिंह, स्वर्ण सिंह, विक्रम सिंह और बलकार सिंह भी मौजूद रहे।

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