Gurugram News: क्रिकेट अकादमी में पिच रोलर की चपेट में आया 8 वर्षीय बच्चा, मौत
श्री श्याम क्रिकेट प्रशिक्षण अकादमी में एक दर्दनाक हादसे में आठ वर्षीय बच्चे की जान चली गई। खेल परिसर में खड़े पिच रोलर को एक बच्चे द्वारा गलती से चालू किए जाने के बाद दूसरा बच्चा उसकी चपेट में आ गया।
गुरुग्राम: श्री श्याम क्रिकेट प्रशिक्षण अकादमी में एक दर्दनाक हादसे में आठ वर्षीय बच्चे की जान चली गई। खेल परिसर में खड़े पिच रोलर को एक बच्चे द्वारा गलती से चालू किए जाने के बाद दूसरा बच्चा उसकी चपेट में आ गया। मृतक की पहचान आकाश कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला था और अपने माता-पिता व छह अन्य भाई-बहनों के साथ गुरुग्राम में रहता था।

जानकारी के अनुसार, घटना के समय कई बच्चे अकादमी परिसर में क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे ने कथित तौर पर गलती से मशीन का मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCB) चालू कर दिया। इसके बाद पिच रोलर चलने लगा। मौके पर निगरानी के लिए कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। बच्चे रोलर को आगे-पीछे करने लगे। इसी दौरान आकाश उसके सामने गिर गया और रोलर उसके ऊपर से निकल गया।
साथ खेल रहे बच्चों ने दी सूचना:
घटना के करीब एक घंटे बाद परिवार को हादसे की जानकारी मिली। परिजनों के अनुसार, आकाश के बड़े भाई नील ने फोन कर पहले उसके घायल होने की सूचना दी थी। इसके बाद परिवार के लोग बच्चे की तलाश में क्रिकेट अकादमी पहुंचे।अकादमी पहुंचने पर कुछ खिलाड़ियों ने आकाश को जमीन पर गंभीर हालत में पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल वाहन की व्यवस्था कर उसे नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने किसी पर नहीं लगाया आरोप:
हादसे के बाद परिवार ने किसी व्यक्ति पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया। परिजनों का कहना है कि यह घटना अचानक हुई और उन्हें हादसे की गंभीरता का पता करीब एक घंटे बाद चला। परिवार ने किसी के खिलाफ आरोप लगाने से इनकार किया है।
पिच रोलर को लेकर उठे सवाल:
घटना के बाद अकादमी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया गया कि पिच रोलर का इस्तेमाल क्रिकेट पिच और मैदान को समतल करने के लिए किया जाता है। आरोप है कि घटना के समय मशीन ऐसी स्थिति में खड़ी थी, जहां बच्चों की पहुंच से उसे दूर रखने या उसकी निगरानी की व्यवस्था नहीं थी।
इत्तेफाकन मौत के तहत जांच:
जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर रणजीत के मुताबिक, परिवार की ओर से खेड़की दौला पुलिस स्टेशन में लिखित बयान दिया गया था। बयान के आधार पर परिवार ने किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी का संदेह नहीं जताया। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच इत्तेफाकन मौत के तहत शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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