Rewari News: रेवाड़ी के वकील ने नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय से मांगी अनुमति

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नेपाल में हाल में आई बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए रेवाड़ी निवासी अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश चंद एडवोकेट ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार को आवेदन भेजकर नेपाल जाकर मानवीय राहत एवं सहायता कार्यों में भाग लेने की अनुमति एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया है।

रेवाड़ी: नेपाल में हाल में आई बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए रेवाड़ी निवासी अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश चंद एडवोकेट ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार को आवेदन भेजकर नेपाल जाकर मानवीय राहत एवं सहायता कार्यों में भाग लेने की अनुमति एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया है। कैलाश चंद एडवोकेट ने अपने आवेदन में कहा है कि प्राकृतिक आपदा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा, आश्रय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की आवश्यकता है।

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वकील कैलाश।

 

ऐसे कठिन समय में मानवता के नाते जरूरतमंद लोगों की सहायता करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार की राजनीतिक, धार्मिक अथवा व्यावसायिक गतिविधि में शामिल होना नहीं है, बल्कि पूरी तरह से मानवीय राहत एवं सेवा कार्यों में सहयोग करना है। वे बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन एवं आवश्यक सामग्री पहुंचाने, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करने तथा राहत शिविरों में स्वयंसेवक के रूप में कार्य करने के इच्छुक हैं।
आवेदन में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि नेपाल में उनके द्वारा किया जाने वाला प्रत्येक कार्य भारत सरकार, भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास, नेपाल सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के नियमों तथा निर्देशों के अनुरूप होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित सभी कानूनी, सुरक्षा एवं राजनयिक नियमों का पालन करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है।
कैलाश चंद एडवोकेट ने विदेश मंत्रालय से नेपाल में प्रवेश एवं राहत कार्यों से संबंधित आवश्यक नियमों और औपचारिकताओं की जानकारी देने तथा संबंधित अधिकृत राहत एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि व्यक्तिगत रूप से राहत कार्यों में भाग लेना उचित न हो तो किसी अधिकृत सरकारी अथवा गैर-सरकारी राहत एजेंसी के माध्यम से सेवा करने का अवसर प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसी जरूरतमंद मानव तक यदि मेरी छोटी-सी सहायता भी पहुंच सके और उसके दुःख को कुछ कम किया जा सके, तो मैं इसे अपना सौभाग्य समझूंगा। मानवता की सेवा ही सच्ची राष्ट्रीय सेवा है।”
इस संबंध में उन्होंने विदेश मंत्रालय के साथ-साथ संबंधित जिला प्रशासन से भी आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है।

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