Gurugram news: रहेजा बिल्डर की 503 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कंपनी और उसके प्रमोटर व डायरेक्टर नवीन एम. रहेजा व उनके परिवार के सदस्यों की करीब 503.48 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
गुरुग्राम: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कंपनी और उसके प्रमोटर व डायरेक्टर नवीन एम. रहेजा व उनके परिवार के सदस्यों की करीब 503.48 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

ईडी की यह जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकियों पर आधारित है। यह एफआईआर बड़ी संख्या में उन होमबायर्स (घर खरीदारों) की शिकायतों पर दर्ज की गई थीं, जिन्होंने रहेजा डेवलपर्स के विभिन्न आवासीय प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बुक कराए थे, लेकिन उन्हें न तो घर मिले और न ही पैसे वापस मिले। ईडी की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच के अनुसार, रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड ने अपनी विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के नाम पर लगभग 4,600 होमबायर्स से करीब 2,425.99 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटाई थी।
दस्तावेजों और सबूतों से पता चला है कि कंपनी ने इस राशि का इस्तेमाल उन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में नहीं किया, जिसका वादा खरीदारों से किया गया था। इसके बजाय, होमबायर्स की गाढ़ी कमाई के एक बड़े हिस्से को दूसरे कामों के लिए डायवर्ट (दूसरे खातों में ट्रांसफर) कर दिया गया, जो सीधे तौर पर धोखाधड़ी है।
यह रहेजा डेवलपर्स के खिलाफ ईडी की पहली कुर्की नहीं है। इससे पहले, इसी साल 28 अप्रैल 2026 को ईडी ने एक आदेश जारी कर रहेजा डेवलपर्स, उसके प्रमोटर नवीन एम. रहेजा और उनके परिवार की 1,113.81 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।
सोमवार को हुई 503.48 करोड़ रुपये की ताजा कार्रवाई को मिलाकर, इस मामले में ईडी अब तक कुल मिलाकर लगभग 1,617.29 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त कर चुकी है। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की जांच अभी भी जारी है।




