Guhla Cheeka news: गुहला में खरौदी गांव के एक किसान की 25 एकड़ धान की पौध पर किसी शरारती तत्व ने किया राउंडअप स्प्रे
ठेके पर ली जमीन में बिजी पौध की गई नष्ट, किसान को लाखों का नुकसान
गुहला उपमंडल के गांव खरौदी में एक किसान को बर्बाद करने की नीयत से अज्ञात शरारती तत्वों ने उसकी 25 एकड़ धान की तैयार पौध पर राउंडअप खरपतवार नाशक दवाई का स्प्रे कर दिया। पीडि़त किसान मानक ङ्क्षसह के अनुसार धान की पौध पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, जिससे उसे लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है।
गुहला चीका: गुहला उपमंडल के गांव खरौदी में एक किसान को बर्बाद करने की नीयत से अज्ञात शरारती तत्वों ने उसकी 25 एकड़ धान की तैयार पौध पर राउंडअप खरपतवार नाशक दवाई का स्प्रे कर दिया। पीडि़त किसान मानक ङ्क्षसह के अनुसार धान की पौध पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, जिससे उसे लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है। किसान ने बताया कि उसने गुहला के जमींदार सुखदेव सिंह से लाखों रुपयों में जमीन ठेके पर ली हुई थी। खेतों में धान की रोपाई के लिए 25 एकड़ की पौध तैयार की थी। मंगलवार किसी अज्ञात शरारती तत्व ने खेत में घुसकर पूरी पौध पर राउंडअप दवाई का छिड़काव कर दिया। जब किसान खेत पर पहुंचा, तो पौध पूरी तरह झुलसी हुई थी।
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मानक सिंह ने बताया कि पौध तैयार करने में डीजल, खाद, बीज व मजदूरी पर 4-5 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। अब नई पौध तैयार करने में 25-30 दिन लगेंगे। समय पर धान की रोपाई न हुई, तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा और बच्चों की रोजी-रोटी का संकट अलग से खड़ा हो जाएगा। किसान ने बताया कि गुहला चीका क्षेत्र पहले ही घग्गर नदी की बाढ़ से प्रभावित रहता है। बाढ़ के कारण पहले ही फसलें बर्बाद हो जाती हैं। ऊपर से इस तरह की शरारत ने उसकी कमर तोड़ कर रख दी। घटना की सूचना मिलते ही गुहला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। किसान मानक सिंह की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गुहला थाना प्रभारी ने बताया कि जांच टीम ने पौध के सैंपल भी लिए हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, रंजिश का मामला भी हो सकता है।
किसान संगठनों में रोष: घटना के बाद किसान संगठनों में भारी रोष है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी लखविंद्र किंद्र ने कहा कि यह सीधे तौर पर किसान की हत्या जैसा अपराध है। प्रशासन दोषी को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाए, नहीं तो किसान आंदोलन करेंगे।

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