Gurugram News: कैबिनेट मंत्री राव नरबीर का दावा : इस बार नहीं होगा जलभराव

मैदावास और धूमसपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

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बादशाहपुर से विधायक बार प्रदेश की कैबिनेट में भारी भरकम मंत्रालय संभालने वाले मंत्री राव नरबीर सिंह ने नासूर बने जलभराव को लेकर फिर बड़ा दावा किया है। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस बार जलभराव की समस्या नहीं होगी। सभी चिन्हित स्थानों पर प्रभावी कार्य करवाया जा रहा है।

गुरुग्राम: बादशाहपुर से विधायक बार प्रदेश की कैबिनेट में भारी भरकम मंत्रालय संभालने वाले मंत्री राव नरबीर सिंह ने नासूर बने जलभराव को लेकर फिर बड़ा दावा किया है। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस बार जलभराव की समस्या नहीं होगी। सभी चिन्हित स्थानों पर प्रभावी कार्य करवाया जा रहा है। हालांकि यह दावा मंत्री ने बीते मानसून में भी किया था, लेकिन मानसून आते ही ये तमाम दावे बरसाती पानी में बहते नजर आए थे। जिसके बाद मंत्री ने यह कहकर बचाव भी किया था कि किसी भी शहर में जलभराव को एकदम से रोकना संभव नहीं। अब एक बार फिर ऐसा ही दावा है। यह दावा कितना सच होता है, यह तो मानसून में ही पता चल पाएगा। rao
 
मंत्री वीरवार देर शाम नगर निगम क्षेत्र के गांव मैदावास तथा धूमसपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास उपरांत आयोजित कार्यक्रमों में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान जलभराव की समस्या वाले 158 स्थानों की पहचान की गई थी। इन सभी स्थानों पर संबंधित विभागों द्वारा विशेष अभियान चलाकर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए गए हैं। ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने, नालों की सफाई तथा अन्य आवश्यक कार्यों के कारण इस वर्ष शहरवासियों को जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।
 
बेहतर पर्यावरण भी विकास का सूचक 
 
राव नरबीर सिंह ने कहा कि विकास केवल सड़कों, भवनों और अन्य परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मानसून का मौसम शुरू होने वाला है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण अभियान से जुड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति प्रतिदिन जितनी कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करता है, उसे अवशोषित करने के लिए लगभग 14 पेड़ों की आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं होंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने घरों, खेतों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना ही समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। 
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