Rewari News: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती, मेदांता फाउंडेशन के साथ 10 वर्षीय एमओयू : आरती सिंह राव
सीएसआर के तहत हुआ समझौता प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में बनेगी नई मिसाल
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग और मेदांता फाउंडेशन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी सीएसआर की नई मिसाल स्थापित होगी।
रेवाड़ी। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग और मेदांता फाउंडेशन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी सीएसआर की नई मिसाल स्थापित होगी।
उन्होंने बताया कि महेन्द्रगढ़ जिले के अटेली स्थित स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों वाले उपमंडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही रेवाड़ी के मीरपुर और गुरुग्राम के फर्रुखनगर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में भी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे महिलाओं और बच्चों को बेहतर उपचार एवं देखभाल मिल सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि परियोजना के तहत समर्पित सिजेरियन ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक लेबर रूम, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य डायग्नोस्टिक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा मातृ एवं नवजात देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा तथा एनीमिया स्क्रीनिंग क्लीनिक भी स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग, ओपीडी सेवाएं, पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक टेस्टिंग, नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी), एम्बुलेंस सहायता तथा नियमित स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि इस समझौते के तहत महेंद्रगढ़ जिले के अटेली, रेवाड़ी के मीरपुर तथा गुरुग्राम के फर्रुखनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया जाएगा और वहां स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रारंभिक रूप से 10 वर्षों के लिए लागू रहेगा। स्वास्थ्य विभाग बुनियादी ढांचा, दवाइयां और प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, जबकि मेदांता फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण, क्षमता निर्माण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान करेगा।
मंत्री आरती ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल दक्षिणी हरियाणा सहित आसपास के क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



