Gurugram news: पॉश इलाके में गरजा डीटीपी का बुलडोजर, केमिस्ट, टायर, पेंट, हार्डवेयर, कार बैटरी, फ्लोरिस्ट शॉप सहित 13 स्ट्रक्चर ध्वस्त

बिना नक्शे और लाइसेंस चलाई जा रही थी व्यवसायिक गतिविधियां

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टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग गुरुग्राम के डीटीपीई की तरफ से डीएलएफ फेज चार गैलेरिया रोड तिथि चक्करपुर के अंतर्गत आने वाली लाइसेंसी भूमि (खसरा नंबर 446/1/1 मीन, 466 मीन, 465 मीन एवं 461 मीन) पर अवैध निर्माण एवं अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को व्यापक तोड़फोड़ अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में की गयी। 

गुरुग्राम:  टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग गुरुग्राम के डीटीपीई की तरफ से डीएलएफ फेज चार गैलेरिया रोड तिथि चक्करपुर के अंतर्गत आने वाली लाइसेंसी भूमि (खसरा नंबर 446/1/1 मीन, 466 मीन, 465 मीन एवं 461 मीन) पर अवैध निर्माण एवं अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को व्यापक तोड़फोड़ अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में की गयी। 

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यह कार्रवाई पुलिस थाना सेक्टर-29, गुरुग्राम के पुलिस बल की सहायता से जिला नगर योजनाकार इंफोर्समेंट (डीटीपी ई) गुरुग्राम द्वारा की गई। अभियान के दौरान लगभग 13 अवैध स्ट्रक्चर को ध्वस्त किया गया जिनमें केमिस्ट शॉप, टायर शॉप, पेंट शॉप, हार्डवेयर शॉप, कार बैटरी शॉप, फ्लोरिस्ट शॉप, अनधिकृत कार्यालय, पेट शॉप, कैफे एवं स्टोर, आयरन एवं स्टील स्टोर/वेयरहाउस, कबाड़ (स्क्रैप) डीलर सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधि शामिल थी।

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नक्शे नहीं हुए पास, लाइसेंस 2006 में हो गया निरस्त: बता दें कि उक्त भूमि वर्ष 2004 में लाइसेंस नंबर 85 के तहत एक कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की तरफ से लाइसेंस जारी किया गया था। इस प्रोजेक्ट के नक्शे कभी स्वीकृत नहीं हुए। लाइसेंस की वैधता वर्ष 2006 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद जमीन पर बिना स्वीकृति के विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जो हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट, 1975 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन हैं।

15 दिन का दिया गया था समय: इस मामले में डीटीपी ई गुरुग्राम द्वारा पूर्व में एक विस्तृत स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर संबंधित पक्षों को 15 दिनों के भीतर सभी अवैध निर्माण हटाकर भूमि को मूल स्थिति में बहाल करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग ने स्पष्ट किया था कि यदि निर्धारित अवधि में अवैध निर्माण नहीं हटाए गए तो विभाग स्वयं कार्रवाई करेगा तथा उस पर होने वाला समस्त खर्च संबंधित पक्षों से भूमि राजस्व बकाया की भांति वसूल किया जाएगा। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई: यह कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 14 मई  को अवमानना याचिका (सिविल) राजदरबार  आइकॉनिक वेंचर प्राइवेट लिमिटेड बनाम अनुराग रस्तोगी एवं अन्य में पारित आदेश की अनुपालना में की गई है। न्यायालय ने अपने आदेश में डीटीपी ई गुरुग्राम को हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट, 1975 की धारा 3-बी एवं धारा 10 के तहत विधि अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस कार्रवाई के दौरान डीटीपी ई अमित मधोलिया के अलावा ड्यूटी मजिस्ट्रेट एटीपी नवीन बरुआ, एटीपी दिव्या दहिया, जूनियर इंजीनियर आकाश राव, राजन झा समेत पूरी टीम मौके पर मौजूद रही। 

यह तोड़फोड़ कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर की गई। किसी भी न्यायालय के आदेश अथवा निजी पक्षों के मध्य चल रही मध्यस्थता कार्रवाई से अवैध निर्माणों को वैधता प्राप्त नहीं होती और वैधानिक कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता। विभाग भविष्य में भी प्रदेश में लाइसेंसी भूमि पर होने वाले अवैध निर्माणों एवं अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रखेगा।

अमित मधोलिया, डीटीपी ई, टाउन प्लानिंग

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