Mewat News: अदालत का सख्त फैसला : व्यापारी का अपहरण कर आठ लाख से अधिक की फिरौती वसूलने वाले दो दोषियों को उम्रकैद
जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने वर्ष 2017 में महाराष्ट्र के एक व्यापारी को कारोबार का झांसा देकर हरियाणा बुलाने, उसका अपहरण करने और उससे 8 लाख से अधिक की फिरौती वसूलने के मामलें में बड़ा फैसला सुनाया है।
नूंह। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने वर्ष 2017 में महाराष्ट्र के एक व्यापारी को कारोबार का झांसा देकर हरियाणा बुलाने, उसका अपहरण करने और उससे 8 लाख से अधिक की फिरौती वसूलने के मामलें में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामलें में दोषी पाए गए मुबारिक निवासी गांव चाहल्का तथा रतिराम निवासी गांव पलड़ी, जिला नूंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है ।

पुलिस प्रवक्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के सांगमनेर निवासी व्यवसायी संजय भगचंद असावा ने अगस्त 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें एक कथित कारोबारी द्वारा सस्ते दामों पर जंबो बैग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया था। बातचीत ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इंडियामार्ट और व्हाट्सएप के माध्यम से हुई। आरोपी पक्ष ने उन्हें माल देखने के लिए हरियाणा बुलाया। शिकायतकर्ता 9 अगस्त 2017 को हरियाणा पहुंचे, जहां उन्हें एक कार में बैठाकर गांव पल्ला स्थित एक फार्म हाउस में ले जाया गया। वहां चार लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया, उनकी तलाशी लेकर नकदी, मोबाइल फोन और सोने की अंगूठी छीन ली तथा रिहाई के बदले भारी रकम की मांग की।
आरोपियों ने पहले 20 लाख की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। भय और दबाव के माहौल में लंबे समय तक बंधक बनाए रखने के बाद आरोपियों ने 8 लाख रुपये की फिरौती पर सहमति जताई। अगले दिन शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र को फोन कर रकम की व्यवस्था करने के लिए कहा । फिरौती की राशि मिलने के बाद आरोपियों ने उन्हें छोड़ दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतार दिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के आधार पर नूंह पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया और जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। मामलें की सुनवाई लगभग नौ वर्षों तक अदालत में चली, जिसके दौरान पुलिस ने विभिन्न साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने 27 जुलाई को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद मंगलवार 28 जुलाई को सजा सुनाते हुए अदालत ने दोनों दोषियों को विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास व जर्माने की सजा सुनाई।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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