Nuh Mewat News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 17,505 मामलों का हुआ निपटारा
जिला अदालत नूंह, पुन्हाना व फिरोजपुर झिरका में लगाई गई राष्ट्रीय लोक अदालत
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. सुशील कुमार के नेतृत्व में शनिवार को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके तहत जिला अदालत नूंह, पुन्हाना एवं फिरोजपुर झिरका की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाकर विभिन्न लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निपटारा किया गया।
नूंह: जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. सुशील कुमार के नेतृत्व में शनिवार को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके तहत जिला अदालत नूंह, पुन्हाना एवं फिरोजपुर झिरका की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाकर विभिन्न लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी विचाराधीन मामलों के निपटारे के लिए छह बेंचों का गठन किया गया।
इन बेंचों में संदीप चौहान, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुनील कुमार दीवान, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, नूंह; विकास यादव, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, नूंह; तनुज शर्मा, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, फिरोजपुर झिरका; निधि, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, पुन्हाना तथा बेनिका, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, तावडू को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नेहा गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 20,792 मामलों को सुनवाई के लिए रखा गया, जिनमें से 17,505 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 14,96,16,126 रुपये की समझौता राशि रही।
एमएसीटी के 86 मामलों का हुआ निपटारा:
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के 540 मामलों को लिया गया, जिनमें से 86 मामलों का निपटारा किया गया तथा 5,20,00,711 रुपये की समझौता राशि रही। इसी प्रकार बैंक रिकवरी के 1,290 मामलों में से 1,149 मामलों का निपटारा हुआ और 3,03,06,205 रुपये की समझौता राशि रही।
6,771 यातायात चालानों का निपटारा:
मोटर वाहन अधिनियम के तहत यातायात चालान से संबंधित 7,712 मामलों को लोक अदालत में रखा गया, जिनमें से 6,771 मामलों का निपटारा किया गया तथा 2,50,26,090 रुपये की राशि का निपटारा हुआ। वहीं बिजली बिल से संबंधित 903 मामलों में से 871 मामलों का निपटारा किया गया और इनमें 3,19,83,733 रुपये की समझौता राशि रही।
परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 से संबंधित 222 मामलों में से 85 मामलों का निपटारा हुआ तथा 73,90,022 रुपये की समझौता राशि रही। आपराधिक समझौता योग्य मामलों में 1,178 मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें 76,88,995 रुपये की समझौता राशि रही। इसके अतिरिक्त वैवाहिक विवादों से संबंधित 221 मामलों में से 75, दीवानी मामलों में 699 में से 463 तथा अन्य मध्यस्थता अथवा समझौते योग्य मामलों में 268 में से 104 मामलों का निपटारा किया गया।
लोक अदालत से समय और धन दोनों की बचत:
नेहा गुप्ता ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है। लोक अदालत में मामलों का निपटारा पक्षकारों की आपसी सहमति से होने के कारण समय एवं धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत एवं मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक विवाद निवारण माध्यमों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।




