Nuh Mewat News: नशे के खिलाफ नूंह प्रशासन का कड़ा एक्शन, 2 दवा विक्रेताओं पर एफआईआर, 25 के लाइसेंस निलंबित
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए चलेंगे विशेष अभियान
जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
नूंह: जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर नशे की जड़ पर प्रहार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, बिक्री, सेवन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही नशीले पदार्थों से संबंधित सूचनाओं के आपसी आदान-प्रदान, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के बारे में आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा।
हाल ही में जिले में विभिन्न दवा दुकानों (मेडिकल स्टोर्स) की जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान दो दवा विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 25 दवा विक्रेताओं के दवा लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा एक दवा विक्रेता बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री करता हुआ पाया गया, जिसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में मेडिकल स्टोर्स की जांच का अभियान निरंतर जारी रखा जाए। दवाओं की बिक्री में निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सख्त कार्रवाई के साथ-साथ उपचार एवं पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नशे के आदी व्यक्तियों के उपचार के लिए मांडी खेड़ा अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र के कमरा नंबर-45 तथा नल्हड़ अस्पताल के कमरा नंबर-15 में नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा युवाओं, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों को साथ लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और जिले में नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति, एसडीएम नूंह कुंवर आदित्य विक्रम, सचिव आरटीए मुनीष सहगल, वीसी के माध्यम से एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मी नारायण, एसडीएम तावडू जितेन्द्र कुमार, एसडीएम पुन्हाना अमित कुमार , डीएसपी हरदीप सिंह, डीएफओ प्रवीण कुमार, आदि मौजूद रहे।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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