Rewari News: वकीलों का विरोध धरना 5 वें दिन भी रहा जारी, पूर्व विधायक चिरंजीव राव भी हुए शामिल
27 जुलाई को कार्मिक भूख हड़ताल या अनशन शुरू करने पर होगा विचार
एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार के साथ रेवाड़ी के वकीलों का गत 16 अप्रैल से चला आ रहा विवाद शुक्रवार को दो कदम और आगे बढ़ गया।
रेवाड़ी: एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार के साथ रेवाड़ी के वकीलों का गत 16 अप्रैल से चला आ रहा विवाद शुक्रवार को दो कदम और आगे बढ़ गया। वकीलों को यहां धरना प्रदर्शन शुरू किए शुक्रवार को 5 वां दिन था मगर एसडीएम के प्रति नाराजगी कम होने की बजाए बढ़ रही है। वकील नारेबाजी करते हुए एसडीएम को भ्रष्ट और चोर बताकर सरकार से इनके तबादले की मांग उठा रहे हैं। इस बार वकीलों के लपेटे में रेवाड़ी जिला प्रशासन, जिला न्यायिक अधिकारी, स्थानीय सांसद, मंत्री और विधायक हैं। वकीलों के कोप का नजला हालांकि अभी जिले डीसी और एसपी पर नहीं पड़ा है और अगर ऐसा हुआ तो नायब सरकार की किरकिरी होने के साथ इसका असर इस मामले को सही से हल नहीं कर पाने के लिए इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की छवि पर भी पड़ेगा।
.jpeg)
उधर राजनीति से जुड़े लोगों के वकीलों के धरने में शामिल होकर वकीलों को समर्थन देने से मामला राजनीतिक रंग लेने की दहलीज पर खड़ा है। बुधवार, वीरवार और शुक्रवार को वकीलों के इस धरने में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पहुंचे। इन्होंने वकीलों को अपना समर्थन देकर वकीलों की एक सुर में उठ रही एसडीएम रेवाड़ी से तबादला करने की मांग को नया बल दिया है।
शुक्रवार को धरने में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने कहा कि सरकार ने एसडीएम रेवाड़ी को छुट्टी पर भेज दिया मगर छुट्टी के बावजूद भी उन्होंने कल अपने घर पर बैठकर 18 केसों में अपने निर्णय लिखवाए हैं। प्रधान ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार से मांग उठाई कि एसडीएम के अभी तक के सभी निर्णय की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। वकीलों ने कहा कि कई पक्षकारों ने उनके पास आकर भी इस अधिकारी के मनमाने पूर्ण निर्णय की प्रतिलिपि भी उन्हें उपलब्ध कराई है। इस मंच से वक्ताओं ने कहा कि जब तक एसडीएम का तबादला नहीं होगा, तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
रेवाड़ी बार के प्रधान विश्वामित्र ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 से उन्होंने एसडीएम अदालत का बहिष्कार किया हुआ था, लेकिन जिला सत्र न्यायाधीश ने भी इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की। जिसके कारण उन्हें कोई समाधान न होने पर धरना प्रदर्शन करना पड़ा है। उन्होंने मंच से ही कहा कि जिला न्यायिक अधिकारी भी वकीलों की बात को सक्षम अधिकारियों के पास नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिस कारण वकीलों के द्वारा एसडीम के तबादले करने की मांग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि शनिवार, रविवार को छुट्टी होने के कारण धरना प्रदर्शन नहीं होगा। सोमवार को धरना जारी रहेगा। जिसमें किसी भी वकील के मुंशी या क्लर्क को अदालत में पेश होने पर रोक लगाई गई है।
धरने में इनेलो के जिला प्रधान डॉ. राजपाल यादव ने पार्टी वर्करों ने स्थानीय वकीलों का अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार वकीलों की बात नहीं सुन रही है, जबकि वकील ही आम जनता की आवाज उठाकर न्याय दिलाने का काम करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि उनकी पार्टी सदैव उनके साथ है।
शुक्रवार को ही रेवाड़ी के पूर्व विधायक चिरंजीव राव इस धरने में पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके पिता पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव जिला बार एसोसिएशन के अधिकृत सदस्य हैं तथा कुछ ही समय में वह भी बार के सदस्य बन जाएंगे। उन्होंने अपना समर्थन देते हुए कहा कि भ्रष्ट अधिकारी का तुरंत प्रभाव से तबादला करना, सरकार की जिम्मेदारी है। देरी करने से सरकार अपनी विश्वसनीयता खो रही है।
वकील वक्ताओं ने कहा कि उनका धरना राजनीतिक मंच नहीं है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों से आ रहे प्रतिनिधियों का वह स्वागत करते हैं। अपनी मांग को उन्हें दोहराते हुए विपक्षी पार्टियों से मिल रहे समर्थन का आभार व्यक्त किया गया। धरना स्थल पर शुक्रवार को अधिवक्ता जय प्रकाश, रविंद्र, एसएन वशिष्ठ, कामरेड राजेंद्र, शौकीन शर्मा, विनोद, देवेंद्र चौहान, मुकेश रंगा, विशाल यादव, पीके वत्स, राकेश यादव, अश्विनी तिवारी, त्रिलोक चंद, अनिल अत्री, उपाध्यक्ष सुमन यादव, सचिव मनोज कुमार, सह सचिव मोनू कुमार, कोषाध्यक्ष चिराग शर्मा, भाग्येश यादव, ललिता भारती, कल्याणी यादव सहित सैकड़ो अधिवक्ताओं ने अधिवक्ताओं को संबोधित किया।
भाजपा जिला अध्यक्ष भी पहुंची थी धरने में:
गुरुवार को वकीलों के इस धरने में भाजपा की जिला अध्यक्ष डा वन्दना पोपली भी कुछ पार्टी पदाधिकारियों के साथ शामिल हुई थी। वकीलों को आशा थी कि वे एसडीएम रेवाड़ी का तबादला होने की चिट्ठी लेकर वकीलों के बीच में आई हैं। इस बात को वकीलों ने अपनी बात रखते हुए भी प्रकट किया मगर ऐसा कुछ नहीं था।
भाजपा जिला अध्यक्ष डा वन्दना पोपली ने धरने में वकीलों को केवल इतना आश्वासन जरूर दिया कि वे उनकी वकील बनकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मामले में बात करेंगी। साफ है कि अब यह मामला अगर और आगे बढ़ा तो नायब सरकार को इसका राजनीतिक नुक़सान भी हो सकता है। फिलहाल केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, डीसी रेवाड़ी और जिला एवं सत्र न्यायधीश की इस मामले में चुप्पी अब क्या नया गुल खिलाएगी, यह आने वाला वक्त बताएगा।

About The Author
संबंधित समाचार



