नाईपर, मोहाली में आईटेक (ITEC) कार्यक्रम 2026 “ग्लोबल साउथ में चिकित्सा उपकरण नीतियों को सशक्त बनाना” का 11 मई 2026 को शुभारंभ
मोहाली: राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर), मोहाली के मेडिकल डिवाइसेज़ विभाग द्वारा भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के अंतर्गत “ग्लोबल साउथ में मेडिकल डिवाइस नीतियों को सशक्त बनाना” विषय पर दो सप्ताह का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 से 22 मई 2026 तक नाईपर, मोहाली, पंजाब के कन्वेंशन सेंटर में प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रातः 10:30 बजे प्रो. दुलाल पांडा, निदेशक, नाईपर द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों, संकाय सदस्यों, आमंत्रित विशेषज्ञों एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर प्रो. पांडा ने विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आईटेक कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक क्षमता निर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना ऐसे सहयोगात्मक प्रयासों की मूल आधारशिला है।
प्रो. पांडा ने बताया कि पिछले पाँच दशकों में भारत ने विभिन्न क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से 2,25,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षण प्रदान किया है। उन्होंने मेडिकल डिवाइसेज़ के व्यापक क्षेत्र, वैश्विक नियामक ढांचे तथा नीति तंत्रों के विकसित होते स्वरूप पर भी जानकारी दी |
प्रो. इंदर पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1964 में आईटेक कार्यक्रम की स्थापना के बाद यह पहला समर्पित मेडिकल डिवाइस पाठ्यक्रम है, जिसे नाईपर, मोहाली द्वारा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने इसे संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
इससे पूर्व प्रो. तरुण शर्मा ने 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके बहुविषयक स्वरूप की जानकारी दी। उद्घाटन दिवस पर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) मंडी के विशेषज्ञों द्वारा स्टेम सेल्स एवं बायोमटेरियल्स जैसे उभरते क्षेत्रों पर व्याख्यान दिए गए।
इस पहल के अंतर्गत 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया गया है, जहां मेडिकल डिवाइसेज़ के क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों, नियामक ढांचे, विनिर्माण प्रक्रियाओं, ट्रांसलेशनल रिसर्च, इनोवेशन इकोसिस्टम तथा नीतिगत हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
यह कार्यक्रम नवाचार-आधारित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा विकासशील देशों में सुलभ, किफायती एवं मेडिकल डिवाइस पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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