Palwal News : रिसर्च में स्किल का समन्वय जरूरी-डॉ. एस वाई कुरैशी
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के गुरुग्राम स्थित ट्रांजिट कैंपस में रिसर्च स्कॉलर्स के लिए विशेष सत्र में पहुंचे भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त
भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस वाई कुरैशी ने कहा कि जो रिसर्च देश के काम न आए, वह किसी काम की नहीं। रिसर्च में स्किल का समन्वय जरूर होना चाहिए। सामाजिक बदलावों के लिए बड़े पैमाने पर रिसर्च की आवश्यकता है।
पलवल: भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस वाई कुरैशी ने कहा कि जो रिसर्च देश के काम न आए, वह किसी काम की नहीं। रिसर्च में स्किल का समन्वय जरूर होना चाहिए। सामाजिक बदलावों के लिए बड़े पैमाने पर रिसर्च की आवश्यकता है। डॉ. कुरैशी शनिवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर्स के लिए आयोजित विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने डॉ. एस वाई कुरैशी का स्वागत किया। डॉ. कुरैशी ने उन्हें अपनी पुस्तकें भेंट की और रिसर्च स्कॉलर्स से अधिक से अधिक अध्ययन करने का आह्वान किया। 
डॉ. कुरैशी ने कहा कि चुनौतियों और समस्याओं को परास्त करने वाले व्यवहारिक तौर पर उपयोगी शोध की जरूरत है। उन्होंने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के पीएचडी स्कॉलर्स के साथ अपनी पीएचडी की उपयोगिता और उसके बहुआयामी उपयोगों पर दिलचस्प अनुभव साझा किए। डॉ. कुरैशी ने कहा कि एक शोध कई क्षेत्रों में काम आए तो, रिसर्च स्कॉलर्स के लिए अवसर बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि शोध ऐसा हो जिसे कोई और भी पढ़े और वह अगले किसी रिसर्च का आधार बने। डॉ. कुरैशी ने स्कॉलर्स के साथ आर्ट ऑफ सोशल मार्केटिंग के विविध आयामों पर चर्चा की। उन्होंने व्यवहारिक बदलावों और नॉलेज गैप सहित कई विषयों को छूते हुए कहा कि हर रिसर्च क्यों के इर्दगिर्द घूमती है। सटीक शोध के लिए उन्होंने डेटा के महत्व, उसकी विश्वसनीयता और गोपनीयता के बारे में भी विस्तार से समझाया। साथ ही गुणवत्तात्मक शोध के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विश्व के कई उदाहरण प्रस्तुत किए जो समाधानमूलक बन कर सामने आए। भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उन्होंने कैसे डेटा का सदुपयोग सुधारों के लिए किया और विभिन्न विभागों में कार्य करते हुए शोधपरक चीजों से कैसे परिवर्तन किए उनके रोचक किस्से भी शोधार्थियों के साथ साझा किए।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय में अपने शोध के दौरान हुए अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। शोधार्थियों ने इस दौरान अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार, कुलसचिव सुमन वशिष्ठ और ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही ने डॉ. एस वाई कुरैशी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रोफेसर एसके सिन्हा और प्रोफेसर रुचि सक्सेना के अलावा काफी संख्या में पीएचडी के रिसर्च स्कॉलर्स उपस्थित थे।

About The Author
संबंधित समाचार



