Faridabad News : अमृता अस्पताल में पहली बार हेलीकॉप्टर से पहुंचा मरीज, रूफटॉप हेलीपैड से सीधे इमरजेंसी में हुआ ट्रांसफर
कानपुर से मरीज को लेकर पहुंचा हेलीकॉप्टर; सड़क मार्ग की जरूरत नहीं, लैंडिंग के तुरंत बाद शुरू हुई अस्पताल में चिकित्सा प्रक्रिया
दूसरे शहरों से मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने की दिशा में अमृता अस्पताल, फरीदाबाद ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के रूफटॉप हेलीपैड पर पहली बार हेलीकॉप्टर से मरीज को लाया गया। कानपुर से पहुंचे मरीज को हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के तुरंत बाद अस्पताल के आंतरिक मेडिकल कॉरिडोर के जरिए सीधे इमरजेंसी डिपार्टमेंट में स्थानांतरित किया गया।
दूसरे शहरों से मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने की दिशा में अमृता अस्पताल, फरीदाबाद ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के रूफटॉप हेलीपैड पर पहली बार हेलीकॉप्टर से मरीज को लाया गया। कानपुर से पहुंचे मरीज को हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के तुरंत बाद अस्पताल के आंतरिक मेडिकल कॉरिडोर के जरिए सीधे इमरजेंसी डिपार्टमेंट में स्थानांतरित किया गया। 
इस व्यवस्था की खासियत यह है कि मरीज को एयरपोर्ट या किसी दूसरे स्थान पर हेलीकॉप्टर से उतारने और फिर सड़क मार्ग से अस्पताल तक लाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे विशेष रूप से समय-संवेदनशील मामलों में अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाले अतिरिक्त समय को कम किया जा सकता है। मरीज को कानपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा अमृता अस्पताल लाया गया, जहां हेलीकॉप्टर ने अस्पताल के 28 मीटर लंबे, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से स्वीकृत रूफटॉप हेलीपैड पर लैंडिंग की। मेडिकल टीम पहले से हेलीपैड पर मौजूद थी। लैंडिंग के तुरंत बाद मरीज को समर्पित आंतरिक रास्ते से सीधे इमरजेंसी डिपार्टमेंट ले जाया गया। मरीज स्टेज-3 क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित है। हाल ही में उसे *हार्ट फेल्योर विद प्रिजर्व्ड इजेक्शन फ्रैक्शन (HFpEF) की समस्या भी हुई थी। इसके अलावा फरवरी में मरीज की रीढ़ की D11 वर्टिब्रा में आंशिक फ्रैक्चर हुआ था। इन स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए पूरे ट्रांसफर के दौरान मरीज की करीबी मेडिकल निगरानी की गई और हेलीकॉप्टर क्रू तथा अस्पताल की इमरजेंसी और क्लिनिकल टीमों के बीच लगातार समन्वय रखा गया।
इससे पहले फरवरी 2026 में अस्पताल के रूफटॉप हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की सफल टेस्ट लैंडिंग की गई थी। इस दौरान हेलीपैड की सुरक्षा व्यवस्था, संरचनात्मक तैयारियों, लैंडिंग मानकों और मरीज को अस्पताल के भीतर स्थानांतरित करने से जुड़े प्रोटोकॉल का परीक्षण किया गया था। अस्पताल का रूफटॉप हेलीपैड सीधे इमरजेंसी डिपार्टमेंट, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जुड़ा है। इसका उद्देश्य हेलीकॉप्टर की लैंडिंग और मरीज की चिकित्सा प्रक्रिया शुरू होने के बीच लगने वाले समय को कम करना है, खासकर उन मामलों में जहां समय पर उपचार महत्वपूर्ण होता है। अमृता अस्पताल, फरीदाबाद के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संजीव सिंह ने कहा, इस पहले मरीज ट्रांसफर ने उस उद्देश्य को वास्तविक रूप दिया है, जिसके लिए रूफटॉप हेलीपैड बनाया गया था—हेलीकॉप्टर से मरीज को लाने और अस्पताल में उसका इलाज शुरू होने के बीच की प्रक्रिया को सीधे जोड़ना। कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज के लिए केवल सुरक्षित हवाई यात्रा ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि लैंडिंग के तुरंत बाद मिलने वाली चिकित्सा सहायता भी उतनी ही अहम होती है। हमारी हेलीकॉप्टर, इमरजेंसी और क्लिनिकल टीमों ने पूरे ट्रांसफर के दौरान आपसी समन्वय से मरीज को सुरक्षित रूप से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था तक पहुंचाया। यह सुविधा *ट्रॉमा, स्ट्रोक, हार्ट इमरजेंसी, अंग प्रत्यारोपण, हाई-रिस्क गर्भावस्था और नवजात शिशुओं से जुड़े समय-संवेदनशील मामलों सहित ऐसी स्थितियों में उपयोगी हो सकती है, जहां मरीज को जल्द से जल्द एडवांस्ड चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना जरूरी होता है। इससे दूरदराज के शहरों और ऐसे क्षेत्रों से मरीजों को अमृता अस्पताल तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी, जहां सड़क मार्ग से आने में अधिक समय लग सकता है।

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