Palwal News : केन्द्र और प्रदेश सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर पलवल में पशुसंवर्धन सम्मेलन व किसान यात्रा आयोजित
हरियाणा सरकार द्वारा चलाया जा रहा है विशेष राज्यव्यापी जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियान
केन्द्र और प्रदेश सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 8 जून से 20 जून, 2026 तक चलाए जा रहे विशेष राज्यव्यापी जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल और पशुपालन एवं डेयरी विभाग पलवल द्वारा संयुक्त रूप से पशुसंवर्धन सम्मेलन और किसान यात्रा का आयोजन किया गया।
पलवल। केन्द्र और प्रदेश सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 8 जून से 20 जून, 2026 तक चलाए जा रहे विशेष राज्यव्यापी जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल और पशुपालन एवं डेयरी विभाग पलवल द्वारा संयुक्त रूप से पशुसंवर्धन सम्मेलन और किसान यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कृषि संबंधी नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। 
उप-निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल डा. बाबू लाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा किसानों के कल्याण के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है। अभियान के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यंत्रीकरण सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उप-निदेशक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने तथा कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं का लाभ देशभर के करोड़ों किसानों को मिला है।
हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, फसल विविधीकरण, पशुपालन विकास, डेयरी क्षेत्र के विस्तार तथा किसानों को समय पर मुआवजा और अनुदान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण और जैविक खेती के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने किसानों को पशुधन संवर्धन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की उन्नत विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने से लागत घटेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। पशुपालन विभाग की ओर से वेटेनरी सर्जन डा. जय सिंह ने किसानों को पशुपालन क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि खेती के साथ पशुपालन व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अनुदान योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ किसान ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग की ओर से गुण नियंत्रक निरीक्षक डा. सुनील दत्त ने किसानों को खाद के संतुलित उपयोग के महत्व से अवगत कराया। वहीं सहायक तकनीकी प्रबंधक अतुल शर्मा ने विभागीय योजनाओं एवं कृषि क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में खंड कृषि अधिकारी होडल डा. सुभाष चंद तथा खंड कृषि अधिकारी हसनपुर डा. देवेंद्र कुमार अपनी टीमों सहित उपस्थित रहे। प्रगतिशील किसान राकेश कुमार गांव औरंगाबाद ने प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए किसानों से इसे अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होती है। उप-कृषि निदेशक कार्यालय पलवल से आगरा चौक तक किसान यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।




