Narnaul News: काले कानूनों के खिलाफ सर्व समाज मुखर: यूजीसी रेगुलेशन, जातिगत आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर जताई चिंता

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स्थानीय राव बंशी सिंह पार्क में रविवार  सांय सर्व समाज की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए इक्विटी रेगुलेशन 2026, वर्तमान आरक्षण प्रणाली और एससी-एसटी कानून के दुरुपयोग को लेकर गहन चर्चा हुई तथा इनके विरोध में रणनीति तैयार की गई। 

नारनौल: राव बंशी सिंह पार्क में रविवार  सांय सर्व समाज की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए इक्विटी रेगुलेशन 2026, वर्तमान आरक्षण प्रणाली और एससी-एसटी कानून के दुरुपयोग को लेकर गहन चर्चा हुई तथा इनके विरोध में रणनीति तैयार की गई। मुख्य वक्ता एडवोकेट हेमंत शर्मा, निवाज नगर ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी के नए नियम युवाओं के भविष्य को तबाह करने वाले और उनका शोषण करने वाले हैं।

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उन्होंने सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ तो बटोगे तो कटोगे का नारा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूजीसी के माध्यम से पूरे देश को जातियों में बांटने का काम किया जा रहा है। सर्व समाज इस प्रकार के विभाजनकारी नियमों को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसे समाप्त करवाने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेगा।

आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण, प्रमोशन में कोटा हो खत्म:

बैठक में आरक्षण प्रणाली में सुधार की पुरजोर मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के चलते दलित समाज के ही संपन्न लोग बार-बार आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं, जबकि वास्तव में मजदूरी करने वाला गरीब और जरूरतमंद वर्ग आज भी इसके लाभ से वंचित है। संदीप नुनीवाला ने कहा कि सरकारी नौकरियों में शुरुआती प्रवेश के बाद प्रमोशन (पदोन्नति) में आरक्षण को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि जातिगत आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार और जरूरत के अनुसार आरक्षण दिया जाए, ताकि वंचितों को हक मिल सके।

एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर कानून सम्मत कार्रवाई की मांग:

एडवोकेट हेमंत शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मुकदमों में झूठे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से दावा किया कि इस कानून की प्रताड़ना का शिकार सबसे ज्यादा ओबीसी और सामान्य वर्ग हो रहा है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि आज के दौर में जब सामाजिक छुआछूत लगभग समाप्त हो चुका है, लोग एक साथ उठते-बैठते और कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो ऐसे में इस कानून की समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही, झूठे केस करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाना अनिवार्य है।

जमीन पर उतरकर होगा आंदोलन- खेमचन्द:

बैठक के अंत में आगामी रणनीति साझा करते हुए खेमचन्द शर्मा ने कहा कि अब इन नीतियों के खिलाफ केवल बातों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर उतरकर खुलकर विरोध करना होगा। इस आंदोलन में उन वंचित दलित भाइयों को भी शामिल किया जाएगा जिनका हक सक्षम लोग मार रहे हैं, और साथ ही प्रताड़ित ओबीसी समाज को एकजुट कर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस अवसर पर सर्व समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और युवा उपस्थित रहे।

ये रहे मौजूद:

इस अवसर पर राजपूत समाज से मलखान सिंह, ब्राह्मण समाज से खेमचन्द शर्मा, हेमंत शर्मा एडवोकेट, जितेन्द्र भारद्वाज, विशु पंडित, प्रवीण शर्मा, उमाशंकर चौबे, हितेन्द्र शर्मा, कॉलेजियम सदस्य गोपाल कृष्ण शांडिल्य, देवेंद्र शर्मा, राकेश कौशिक, भूपेश पालीवाल, हेमंत मुनी, महेंद्र कौशिक, रवि कौशिक, सत्यप्रकाश शर्मा तथा अग्रवाल समाज से सदीप नुनीवाला, राजेश चौधरी, सुमीत अग्रवाल, जगमोहन गर्ग, निखिल जैन, विनोद सिंघल, सुमीत कुमार सहित काफी संख्या में ब्राह्मण व अग्रवाल बंधु उपस्थित थे।

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