Ferozpure Jhirka News: मेवात कैडर बचाने की मांग,अध्यापकों ने भाजपा नेता नसीम अहमद के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
मेवात में करीब 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे टीजीटी, ईएसएचएम और पीजीटी सहित अन्य अध्यापकों ने मेवात कैडर से जुड़े नियमों की कथित गलत व्याख्या किए जाने पर नाराजगी जताई है।
फिरोजपुर झिरका: मेवात में करीब 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे टीजीटी, ईएसएचएम और पीजीटी सहित अन्य अध्यापकों ने मेवात कैडर से जुड़े नियमों की कथित गलत व्याख्या किए जाने पर नाराजगी जताई है। अध्यापकों ने भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक नसीम अहमद के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर करीब 500-600 शिक्षकों को मेवात कैडर से बाहर स्थानांतरित होने की स्थिति से बचाने की मांग की।
ज्ञापन में अध्यापकों ने बताया कि अप्रैल 2012 में मेवात में शिक्षकों की कमी और ठहराव को देखते हुए अलग मेवात जिला शिक्षा कैडर बनाया गया था। कैडर नियम 3(2) के अनुसार अधिसूचना के समय मेवात जिले में कार्यरत प्राथमिक, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और विद्यालय शिक्षा के प्रमुख अध्यापकों (ईएसएचएम) को संवर्ग का सदस्य माना गया था। इसके बाद शिक्षकों को कैडर से संबंधित सुविधाएं भी मिलती रहीं। विभागीय शैक्षणिक अभिलेख प्रणाली में मेवात शिक्षा कैडर-III के रूप में दर्ज करने के साथ स्थानांतरण, पदोन्नति और वरिष्ठता सूचियों में भी उन्हें शामिल किया गया।
अध्यापकों का आरोप है कि एक जनवरी 2024 के आधार पर तैयार वरिष्ठता सूची से उन्हें अचानक हटा दिया गया, जबकि विभाग द्वारा वर्ष 2012, 2017 और 2021 में मेवात कैडर में रहने के विकल्प और शपथ पत्र लिए जा चुके हैं।
अध्यापकों ने मांग की कि एक जनवरी 2024 की वरिष्ठता सूची में वर्तमान कार्यरत टीजीटी और ईएसएचएम अध्यापकों को शामिल कर उचित वरिष्ठता प्रदान की जाए तथा विभागीय शैक्षणिक अभिलेख प्रणाली में मेवात शिक्षा कैडर-III के रूप में दर्ज किया जाए। इससे वर्षों से मेवात में सेवा दे रहे शिक्षकों को कैडर से बाहर जाने की परेशानी से बचाया जा सकेगा।
अध्यापकों ने कहा कि मेवात क्षेत्र में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की सेवाओं और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें सेवानिवृत्ति तक यहीं सेवा करने का अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर उचित समाधान कराने की मांग की।




