Nuh Mewat News: ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें सभी बीडीपीओ : अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति
प्लास्टिक कचरा प्रबंधन यूनिट के लिए 13 गांवों का पायलट प्रोजेक्ट चयनित
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने जिले के सभी संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) तथा कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए।
नूंह: अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने जिले के सभी संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) तथा कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में घर-घर से कचरा संग्रहण कर उसका वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान किया जाए तथा ठोस कचरा प्रबंधन शेडों को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखा जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला नूंह के खंड नूंह की ग्राम पंचायत खेड़ला में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन यूनिट स्थापित की जा रही है, जिसके लिए तीन विशेष मशीनें खरीदी गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से प्लास्टिक कचरे की सफाई, उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने तथा बेलिंग (संपीड़न) का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना के सफल संचालन के लिए 13 गांवों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन किया गया है, जहां ठोस कचरा प्रबंधन शेड पूरी तरह संचालित होंगे तथा घर-घर से कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा।
गांवों में जाकर करें निरीक्षण: अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने निर्देश दिए कि संबंधित बीडीपीओ स्वयं गांवों का नियमित दौरा करें तथा ग्राम सचिवों और अन्य कर्मचारियों के साथ सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि गांवों में कूड़ा-करकट, कीचड़ और गंदगी की समस्या नहीं होनी चाहिए तथा स्वच्छ और सुंदर ग्रामों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
स्वच्छता कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य: उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जा रही एफएफसी/पीआरआई ग्रांट में 60 प्रतिशत राशि टाइड ग्रांट के रूप में होती है, जिसमें से 50 प्रतिशत अर्थात कुल ग्रांट का 30 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन तथा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संबंधी कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य है। इस राशि का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकता।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी सरपंच या ग्राम सचिव द्वारा निर्धारित राशि का अन्य कार्यों में उपयोग किया जाता है या नियमों की अनदेखी की जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खर्च की गई राशि का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा।
कमेटी गठन के बाद ही होगा खर्च: अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि संबंधित राशि खर्च करने से पूर्व निर्धारित कमेटी का गठन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार सोख्ता गड्ढों एवं खाद गड्ढों के निर्माण कार्यों का भुगतान ग्राम पंचायत में उपलब्ध एफएफसी/पीआरआई राशि से किया जाए। यदि पंचायत स्तर पर राशि अपर्याप्त हो तो शेष भुगतान पंचायत समिति फंड से कराया जाए, ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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