Nuh Mewat News: नूंह जिले में बूचड़खानों के खिलाफ विरोध जारी, टपकन की मीट फैक्ट्री की बदबू से 4 गांव प्रभावित
नूंह जिले के टपकन में संचालित और निर्माणाधीन बूचड़खानों के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। प्रदूषण, गंदगी और बदबू की समस्या को लेकर लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं।
मेवात: नूंह जिले के टपकन में संचालित और निर्माणाधीन बूचड़खानों के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। प्रदूषण, गंदगी और बदबू की समस्या को लेकर लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। इस बार नूंह विधानसभा क्षेत्र के गांव टपकन में स्थित एवरग्रीन प्राइवेट लिमिटेड मीट फैक्ट्री को लेकर आवाज तेज हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण और बदबू से टपकन, चंदेनी सहित चार गांव बुरी तरह प्रभावित हैं।

टपकन गांव के निवासी माजिद हुसैन ने प्रेस वार्ता में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि मीट फैक्ट्री के कारण गांव में कैंसर, टीबी, खांसी जैसी बीमारियां बढ़ गई हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि स्वास्थ्य विभाग सर्वे कराए तो लगभग हर घर में इस तरह के मरीज मिलेंगे। माजिद ने कहा कि उनके बेटे की मौत भी इसी बीमारी के कारण हो चुकी है और वह खुद भी बीमार हैं। फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी और बदबू के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। स्कूल में पढ़ने वाले करीब 12 सौ बच्चे भी बदबू और मक्खियों से परेशान हैं, जिससे पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मीट फैक्ट्री मानकों का उल्लंघन कर आबादी क्षेत्र में संचालित हो रही है।
उन्होंने पंचायत, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर कंपनी प्रबंधन से मिलीभगत कर अनदेखी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं और शिकायतें भी दी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वरिष्ठ समाजसेवी हिदायत कमांडो ने कहा कि टपकान की मीट फैक्ट्री पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा कर चल रही है। बीते साल जून में खंड एवं पंचायत विकास अधिकारी ने पुलिस बल की मदद से अवैध कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक उन आदेशों की पालना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि एसडीएम कोर्ट तक चक्कर लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है, जिससे स्पष्ट है कि मीट प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मिलीभगत है।
हिदायत कमांडो ने यह भी दावा किया कि इन बूचड़खानों के संचालन से ही मेवात क्षेत्र में गोकशी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि टपकन की मीट फैक्ट्री को तत्काल बंद किया जाए और जिले में बूचड़खानों के संचालन पर सख्ती से मानकों का पालन कराया जाए।

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