Nuh/Mewat News: नूंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) में अव्यवस्थाओं का आरोप
भारी-भरकम स्टाफ के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटक रहे मरीज और तीमारदार, करीब दस दिन से पेयजल संकट
नूंह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को केंद्र में अव्यवस्थाओं का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
नूंह : नूंह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को केंद्र में अव्यवस्थाओं का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। मरीजों का आरोप है कि ड्यूटी के समय कुछ कर्मचारी कुर्सियों पर आराम करते नजर आए, जबकि ओपीडी में जांच कराने के लिए मरीजों को इधर-उधर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

दोपहर बाद ओपीडी में तैनात चिकित्सक डॉ संदीप राजपूत भी मौके पर मौजूद नहीं मिले। मरीजों का कहना है कि दोपहर बाद अक्सर चिकित्सक ओपीडी से चले जाते हैं, जिसके कारण दूर-दराज से उपचार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पहली मंजिल पर स्थित कई कमरों में भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद बताए गए।

मरीजों ने लगाए गंभीर आरोप :
स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए पहुंचे इमरान खान, रमजान, जफरुद्दीन, मोहम्मद जमील, हारुनी, जमशीदा सहित अन्य लोगों ने बताया कि केंद्र में काफी समय से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। उनका आरोप है कि सामान्य मरीजों को उपचार और जांच के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि जान-पहचान वाले लोगों के काम आसानी से हो जाते हैं।
मरीजों ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक और कर्मचारी होने के बावजूद आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग उपचार की उम्मीद लेकर यहां पहुंचते हैं, लेकिन व्यवस्थाओं के अभाव में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
करीब दस दिन से पेयजल संकट :
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों और कर्मचारियों के सामने पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। मरीजों के अनुसार पिछले करीब दस दिनों से पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। गर्मी और उमस के बीच स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों तथा उनके साथ आने वाले तीमारदारों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
ओपीडी व्यवस्था पर उठे सवाल :
मरीजों का कहना है कि ओपीडी में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना स्वास्थ्य केंद्र की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि चिकित्सक ड्यूटी के समय अपने कक्ष में उपलब्ध नहीं रहते तो दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
एसएमओ बोले लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई :
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ कपिल ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी अभी मिली है। उन्होंने कहा कि संबंधित चिकित्सकों और कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ दिलाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी में लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधायक आफताब अहमद ने भी जताई चिंता:
नूंह विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर उन्हें काफी समय से शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही केंद्र का निरीक्षण किया जाएगा। विधायक ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा।
समय-समय पर निरीक्षण की मांग :
क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अचानक निरीक्षण कर चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, ओपीडी व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र गरीब और आम लोगों के लिए उपचार का प्रमुख सहारा हैं, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

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