Mewat/Tawdu News: निजीकरण के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन,बोले 10 हजार सरकारी बसें बेड़े में शामिल करे सरकार : जय कुंवार दहिया
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ) ने रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। तीन सितंबर को फरीदाबाद में हुई राज्य स्तरीय आपात बैठक में यूनियन नेताओं ने सरकार से निजी परमिट और निजी इलेक्ट्रिक बसों का फैसला वापस लेने तथा हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 10 हजार नई सरकारी बसें शामिल करने की मांग की।
तावड़ू : हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ) ने रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। तीन सितंबर को फरीदाबाद में हुई राज्य स्तरीय आपात बैठक में यूनियन नेताओं ने सरकार से निजी परमिट और निजी इलेक्ट्रिक बसों का फैसला वापस लेने तथा हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 10 हजार नई सरकारी बसें शामिल करने की मांग की।

राज्य उपप्रधान जयकुंवार दहिया ने कहा कि जनता के पैसे से खड़े किए गए रोडवेज विभाग को निजीकरण के जरिए साहूकारों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 16 जून को परिवहन मंत्री के साथ हुई वार्ता में 500 नई सरकारी बसें खरीदने और कर्मचारियों की मांगों पर सहमति जताई गई थी,लेकिन अब सरकारी बसें बढ़ाने के बजाय निजी बसों को परमिट जारी किए जा रहे हैं।
डिपो उपप्रधान प्रमोद अहलावत ने कहा कि सरकार निजीकरण का रास्ता छोड़कर कर्मचारियों से मानी गई मांगों को लागू करे, अन्यथा निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चार सितंबर को सभी डिपो में सुबह 10 से 12 बजे तक प्रदर्शन कर परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त को मांगों का ज्ञापन भेजा गया।
यूनियन ने 10 हजार नई सरकारी बसें,विभाग में खाली पदों पर स्थायी भर्ती,पुरानी पेंशन बहाली,कर्मचारियों को आठवें वेतनमान का लाभ,बोनस का भुगतान,पदोन्नति,कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने और रात्रि ठहराव व ओवरटाइम का बकाया भुगतान करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द बातचीत नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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