Nuh/Mewat News: मेवात के सरकारी स्कूलों में उर्दू शिक्षकों की जरूरत, 544 JBT पदों को लेकर अभ्यर्थियों ने उठाई मांग
जे बी टी उर्दू 2012 की भर्ती की 544 शेष पोस्टों को लेकर आज अभ्यर्थियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में भर्ती से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों, पदों की स्थिति तथा मेवात के सरकारी विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की आवश्यकता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और आगे की कार्ययोजना पर सहमति बनी।
नूंह: जे बी टी उर्दू 2012 की भर्ती की 544 शेष पोस्टों को लेकर आज अभ्यर्थियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में भर्ती से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों, पदों की स्थिति तथा मेवात के सरकारी विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की आवश्यकता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और आगे की कार्ययोजना पर सहमति बनी।
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अभ्यर्थियों का कहना है कि यह विषय केवल रोजगार से जुड़ा नहीं है, बल्कि मेवात के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले उर्दू भाषी बच्चों की शैक्षिक आवश्यकता से भी सीधा संबंध रखता है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चे उर्दू को अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं, ऐसे में उनकी भाषाई जरूरत के अनुसार योग्य शिक्षकों की उपलब्धता पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए कहा कि प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की मातृभाषा/स्थानीय भाषा में शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी प्रकार NCF-FS 2022 में भी बच्चे की परिचित भाषा में सीखने को प्रभावी माना गया है। वहीं RTE Act, 2009 की धारा 29(2)(f) में भी जहां तक संभव हो, बच्चे की मातृभाषा में शिक्षा के माध्यम की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, इन नीतिगत प्रावधानों के संदर्भ में मेवात जैसे क्षेत्र में उर्दू भाषी बच्चों की वास्तविक भाषाई आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या, मातृभाषा और विषय की आवश्यकता के आधार पर शिक्षक उपलब्ध करवाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।
ग्राम पंचायतों से भी सहयोग की अपील: बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में बच्चों की मातृभाषा के अनुसार शिक्षक की आवश्यकता को लेकर प्रस्ताव रखने की दिशा में कार्य किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने मेवात की तमाम ग्राम पंचायतों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को देखते हुए इस शैक्षिक आवश्यकता को प्रशासन एवं शिक्षा विभाग तक पहुंचाने में सहयोग करें।
इसके साथ ही मेवात की आम जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सोशल एक्टिविस्टों से भी अपील की गई कि वे बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस विषय को समझें और अपनी आवाज के माध्यम से इसे उचित मंच तक पहुंचाने में सहयोग करें। बैठक में आगे की कार्यवाही को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए 10 सदस्यों की कॉल Core Committee का गठन भी किया गया तथा सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
अभ्यर्थियों ने कहा कि 544 JBT उर्दू पदों की मांग को उपलब्ध तथ्यों, सरकारी रिकॉर्ड और वर्तमान विद्यालयी आवश्यकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। उनका कहना है कि मेवात के बच्चों को उनकी मातृभाषा में बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में इन पदों की आवश्यकता पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि सरकार और शिक्षा विभाग मेवात के विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकता तथा NEP 2020, NCF और RTE Act में मातृभाषा आधारित शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए 544 JBT उर्दू पदों के संबंध में उचित कार्रवाई करेंगे। “बच्चों की मातृभाषा में शिक्षा केवल एक मांग नहीं, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है।”

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