Nuh Mewat News: सड़क सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूकता जरूरी : उपायुक्त अखिल पिलानी
जिला रेड क्रॉस सोसायटी नूंह ने एसईडब्ल्यू यूरोड्राइव इंडिया में आयोजित की दो दिवसीय सड़क सुरक्षा एवं जीवन रक्षा कार्यशाला कर्मचारियों को फर्स्ट एड एवं सीपीआर का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय रहते सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो कई बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “जागरूकता ही बड़ी से बड़ी समस्या का निदान है” के संदेश के साथ जिला रेड क्रॉस सोसायटी नूंह की ओर से एसईडब्ल्यू यूरोड्राइव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में दो दिवसीय सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा एवं प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
नूंह: सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय रहते सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो कई बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “जागरूकता ही बड़ी से बड़ी समस्या का निदान है” के संदेश के साथ जिला रेड क्रॉस सोसायटी नूंह की ओर से एसईडब्ल्यू यूरोड्राइव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में दो दिवसीय सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा एवं प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कंपनी के करीब 50 कर्मचारियों ने भाग लिया।

हरियाणा राज्य रेड क्रॉस, चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष अंकुश मिगलानी एवं महासचिव डॉ. सुनील कुमार के निर्देशन, जिला उपायुक्त अखिल पिलानी के मार्गदर्शन तथा जिला रेड क्रॉस सोसायटी नूंह के सचिव महेश गुप्ता की देखरेख में जिले में इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य आमजन एवं कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार देने के लिए सक्षम बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
इस अवसर पर कंपनी के प्लांट हेड मुकेश कुमार ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कर्मचारियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
जिला रेड क्रॉस सोसायटी के जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश सिंह मलिक ने कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट के अनिवार्य उपयोग, चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट के महत्व तथा नशीले पदार्थों का सेवन करने के बाद वाहन न चलाने के संबंध में जागरूक किया।
आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण: कार्यशाला के दौरान कर्मचारियों को दुर्घटना स्थल पर एंबुलेंस के पहुंचने अथवा घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने तक दी जाने वाली प्राथमिक सहायता के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को रक्तस्राव रोकने, घायल अंग को स्थिर रखने, घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने, आगजनी की स्थिति में पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकालने तथा जहरीले पदार्थ के सेवन की स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा देने की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही हृदय गति एवं श्वास रुकने की स्थिति में सीपीआर (CPR) तकनीक का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण भी दिया गया। कर्मचारियों ने स्वयं विभिन्न प्राथमिक उपचार तकनीकों का अभ्यास कर आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं सही प्रतिक्रिया देने की जानकारी हासिल की।
कार्यशाला के समापन अवसर पर कंपनी के एचआर हरपाल सिंह ने सभी कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। जिला रेड क्रॉस सोसायटी नूंह का यह प्रयास सड़क सुरक्षा के साथ-साथ समाज में जीवन रक्षा एवं प्राथमिक उपचार की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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