प्रदर्शनी के माध्यम से सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो रहे नागरिक : डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से पलवल के जिला सचिवालय में लगाई गई है सोमनाथ मंदिर के इतिहास से संबंधित प्रदर्शनी
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से देशभर में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की धैर्यगाथा, अटूट आस्था’ राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा महानिदेशक के.एम. पांडुरंग के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में पलवल स्थित जिला सचिवालय परिसर के भूतल पर सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के इतिहास एवं पौराणिक महत्व पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जो आमजन के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पलवल: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से देशभर में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की धैर्यगाथा, अटूट आस्था’ राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा महानिदेशक के.एम. पांडुरंग के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में पलवल स्थित जिला सचिवालय परिसर के भूतल पर सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के इतिहास एवं पौराणिक महत्व पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जो आमजन के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान प्राप्त सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया जा रहा है। जिला सचिवालय आने वाले नागरिक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही लोग प्रदर्शनी के साथ सेल्फी लेकर इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बना रहे हैं। उन्होंने आम नागरिकों, स्कूली छात्र-छात्राओं सहित सभी से पलवल जिला सचिवालय में पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आह्वïान किया है।





