Rewari News: आवारा पशुओं से दुर्घटना की स्थिति में दयालु 2 योजना के तहत दी जा रही आर्थिक सहायता
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी घटना के घटित होने के दिन से आगामी 90 दिनों के भीतर करना होगा ऑनलाइन आवेदन
हरियाणा सरकार द्वारा आवारा पशुओं से हुई दुर्घटना के पीड़ित लोगों को दयालु-2 योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। सडक़ों पर घूम रहे पशुओं से होने वाली दुर्घटना में किसी भी नागरिक की मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत एक लाख से पांच लाख रूपए तक आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।
रेवाड़ी: हरियाणा सरकार द्वारा आवारा पशुओं से हुई दुर्घटना के पीड़ित लोगों को दयालु-2 योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। सडक़ों पर घूम रहे पशुओं से होने वाली दुर्घटना में किसी भी नागरिक की मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत एक लाख से पांच लाख रूपए तक आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि दयालु योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर संबंधित परिवार को एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त, चोट लगने की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। मृत्यु, चोट अथवा दिव्यांगता की स्थिति में योजना का लाभ लेने के लिए घटना के दिन से लेकर 90 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। परिवार पहचान पत्र धारक हरियाणा के निवासी को योजना का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ कुत्ता के काटने अथवा आवारा पशुओं जैसे गाय, बैल, सांड, गधा, कुत्ता, नीलगाय, भैंस आदि के कारण हुई दुर्घटना में मृत्यु/चोट/दिव्यांगता की स्थिति में ही मिलेगा।
डीसी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित आवश्यक दस्तावेजों में मृत्यु के मामले में-मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर / डीडीआर की प्रति, जिसमें दर्शाया हो कि दुर्घटना आवारा पशु/जानवर/कुत्ते के काटने के कारण हुई है। दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी/चिकित्सा बोर्ड द्वारा विधिवत जारी किया दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा डिस्चार्ज सारांश, एफआईआर/डीडीआर की प्रति, जिसमें दर्शाया हो कि दुर्घटना आवारा पशु/जानवर/कुत्ते के काटने के कारण हुई है।
डीसी ने बताया कि मृत्यु/दिव्यांगता (70 प्रतिशत या अधिक) की स्थिति में आयु 0-12 वर्ष तक 1 लाख रुपये, आयु 12 से 18 तक 2 लाख रुपये, आयु 18 से 25 तक 3 लाख रुपये, आयु 25 से 45 तक 5 लाख तथा आयु 45 से अधिक 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। दयालु-2 योजना के तहत मामूली चोट की स्थिति में 10 हजार रुपए, कुत्ते के प्रत्येक दांत के निशान पर 10 हजार रुपए तथा घाव के प्रत्येक 0.2 सेमी. पर न्यूनतम 20 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2996024 पर संपर्क किया जा सकता है।

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