कालेज टीचर्स ऐसोसिएशन के आह्वान पर जीजीडीएसडी महाविद्यालय, पलवल के स्टाफ सदस्यों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया

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कालेज टीचर्स ऐसोसिएशन के आह्वान पर आज दिनाँक 16 मई 2026 को जीजीडीएसडी महाविद्यालय, पलवल के टीचिगं व नान-टीचिगं स्टाफ सदस्यों ने काले बिल्ले लगाकर हरियाणा के 96 सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में पिछले लगभग तीन माह से वेतन भुगतान न होने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया।

कालेज टीचर्स ऐसोसिएशन के आह्वान पर आज दिनाँक 16 मई 2026 को जीजीडीएसडी महाविद्यालय, पलवल के टीचिगं व नान-टीचिगं स्टाफ सदस्यों ने काले बिल्ले लगाकर हरियाणा के 96 सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में पिछले लगभग तीन माह से वेतन भुगतान न होने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया।c प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नियमित रूप से शिक्षण कार्य और प्रशासनिक दायित्व निभाने के बावजूद वेतन रोके जाने से उनके सामने गंभीर आर्थिक, पारिवारिक एवं सामाजिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों को बच्चों की फीस, घर का किराया, चिकित्सा खर्च, बैंक ऋण की किश्तें तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कालेज टीचर्स ऐसोसिएशन के संस्थापक एवं भूतपूर्व अध्यक्ष (अब पैटर्न) डा. राजबीर सिंह ने कहा कि ऐडिड महाविद्यालयों के शिक्षक उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण उनका मनोबल लगातार गिर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार मांगे उठाने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद भी हरियाणा सरकार हमारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही। वेतन भुगतान के अतिरिक्त स्टाफ सदस्यों ने वर्षों से लंबित विभिन्न मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। इनमें सैलरी का ट्रेजरी के माध्यम से नियमितिकरण, ग्रेच्युटी की व्यवस्था लागू करना, एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) का भुगतान, कैशलेस या समुचित मेडिकल सुविधा, सीसीएल (चाइल्ड केयर लीव) की स्वीकृति तथा महिला स्टाफ को सालाना 25 आकस्मिक छुट्टियों संबंधी लाभ शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें सरकारी महाविद्यालयों के कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए। सदस्यों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र वेतन जारी नहीं किया गया और लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल समाधान निकालने की मांग की, ताकि शिक्षक वर्ग सम्मानपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके।
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