पैट्रोल डीज़ल सीएनजी महंगे करने पर आफताब अहमद ने बीजेपी को घेरा

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देश में पेट्रोल और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर व 
सीएनजी पर 2 रुपए प्रति किलो बढ़ने के बाद कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

मेवात। देश में पेट्रोल और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर व 
सीएनजी पर 2 रुपए प्रति किलो बढ़ने के बाद कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के नूंह विधायक चौधरी आफताब अहमद ने बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों में इजाफे को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है। IMG-20260516-WA0043विधायक आफताब अहमद ने कहा कि  मोदी सरकार की अदूरदर्शी नीतियों के चलते यह संकट खड़ा हुआ और जनता को अपनी जेब से पेट्रोल-डीजल तथा एलपीजी की बढ़ी कीमतों का खामियाजा चुकाना पड़ रहा है।
कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही पीएम मोदी ने जनता को महंगाई की नई किस्त दे दी है । उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ ₹3 का झटका लगा है और बाकी महंगाई किस्तों में बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री को महंगाई मैन की संज्ञा देते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने जनता की जेब पर डाका डालना शुरू कर दिया है।
भाजपा ने ईंधन के दामों में बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है जिस कारण तेल के दाम बढ़ाए गए हैं। विधायक आफताब अहमद ने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट आती है तब बीजेपी सरकार ने एक रुपए भी कम नहीं किए। 
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि भारत में तेल की कीमतों का सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत और सरकार द्वारा वसूले जाने वाले करों से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं, तो बीजेपी सरकार टैक्स बढ़ाकर उस मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा अपने पास रख लेती हैं। 
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि बीते 11 साल में मोदी सरकार ने देश की जनता से पेट्रोल-डीजल से 43 लाख करोड़ यानी हर रोज 1,000 करोड़ लूटे हैं।
उन्होंने कहा कि 26 मई 2014 को पेट्रोल की कीमत 71.41 रुपए/लीटर थी और आज पेट्रोल की कीमत 97.70 रुपए/लीटर है। जबकि 26 मई 2014 को डीजल की कीमत 56.71 रुपए/लीटर थी और आज डीजल की कीमत 90.67 रुपए/लीटर है। 
 
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि 2014 में क्रूड आयल की कीमत औसतन 100-108 डॉलर/बैरल थी और अगर वेस्ट एशिया युद्ध का समय छोड़ दिया जाए तो मोदी सरकार में क्रूड आयल के दाम औसतन 70 डॉलर/बैरल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 70 डॉलर/बैरल के हिसाब से पेट्रोल की कीमत 61.60 रुपए/लीटर और डीजल की कीमत 56.99 रुपए/लीटर होनी चाहिए।  
विधायक आफताब अहमद ने कहा है कि डीजल-पेट्रोल दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक विकास की दर में भी कमी आएगी। उन्होंने  कहा कि जब डीजल के दाम बढ़ते हैं तो पूरे देश में महंगाई का व्यापक प्रभाव पड़ता है। उद्योगों से लेकर घरेलू बजट व किसानों सभी पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम संकट शुरू होते ही कांग्रेस ने सरकार को इसको लेकर आगाह करते हुए संकट से बचने के लिए ठोस कदम उठाने की सलाह दी थी मगर बीजेपी सरकार ने सवालों को नकारा।
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि कांग्रेस इन क़ीमतों में बढ़ौतरी का विरोध सड़क से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक करेगी।
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