इंस्टाग्राम पर ‘लव ट्रैप’ : नाइजीरियाई ठग निकले "ड्रीम गर्ल"

इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, तीन अरेस्ट -- लड़की बनकर लोगों को प्यार के जाल में फंसा करते थे ठगी

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गुरुग्राम की साइबर अपराध पश्चिम थाना पुलिस ने एक ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया पर लड़की बनकर लोगों को अपने हुस्न के जाल में फंसाता था और फिर पलक झपकते ही उनका बैंक खाता खाली कर देता था।

गुरुग्राम। सोशल मीडिया पर अनजान चेहरों से दोस्ती करने से पहले सौ बार सोच लीजिए। जिसे खूबसूरत हसीना समझकर दिल दे बैठते हैं, हो सकता है कि पर्दे के पीछे कोई शातिर ठग बैठा हो। गुरुग्राम की साइबर अपराध पश्चिम थाना पुलिस ने एक ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया पर लड़की बनकर लोगों को अपने हुस्न के जाल में फंसाता था और फिर पलक झपकते ही उनका बैंक खाता खाली कर देता था। पुलिस ने इस मामले में नाइजीरियाई मूल के तीन शातिर आरोपियों को उत्तर प्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार किया है।IMG_20260516_195157
 
इंस्टाग्राम पर ‘लव ट्रैप’ और फिर फर्जी ड्रामा 
ठगी की यह कहानी पिछले साल शुरू हुई थी। 25 अप्रैल 2025 को गुरुग्राम के रहने वाले एक पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात एक ‘लड़की’ से हुई थी। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला बढ़ा और दोनों में गहरी दोस्ती हो गई।
एक दिन उस कथित लड़की ने पीड़ित को झांसा दिया कि वह उससे मिलने भारत आ चुकी है। उसने कहा कि वह इस वक्त मुंबई एयरपोर्ट पर है, लेकिन उसके पास मौजूद विदेशी चेक को भारतीय करेंसी (रुपयों) में बदलवाने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर ₹69,900 की तुरंत जरूरत है। प्यार के झांसे में आकर पीड़ित ने बिना सोचे-समझे बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। लेकिन शातिर ठगों की भूख यहीं शांत नहीं हुई; जब उन्होंने दोबारा और पैसों की मांग की, तब पीड़ित को अहसास हुआ कि वह एक बड़े ‘साइबर फ्रॉड’ का शिकार हो चुका है।
 
डिजिटल हथियारों का जखीरा बरामद
गुरुग्राम साइबर पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर 14 मई 2026 को नोएडा (यूपी) में छापेमारी की और तीन नाइजीरियाई नागरिकों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान चिनेडु, जेम्स संडे और जूल्स ककाओ के रूप में हुई है। पुलिस ने जब इनके ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। इनके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। इनमें 19 स्मार्टफोन (जिनसे अलग-अलग फर्जी प्रोफाइल चलाई जा रही थीं), एक लैपटॉप (डेटा और खातों के संचालन के लिए) तथा 18 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सिम कार्ड शामिल हैं।
 
कोर्ट ने भेजा रिमांड पर, खुलेंगे कई और राज
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया है। साइबर पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों ने अब तक देश के कितने और लोगों को अपनी इस ‘फर्जी डिजिटल मोहब्बत’ का शिकार बनाकर लाखों रुपये ऐंठे हैं।
 
गुरुग्राम पुलिस की अपील
सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति, खासकर विदेशी प्रोफाइल वाले खातों पर भरोसा न करें। यदि कोई भी व्यक्ति कस्टम क्लीयरेंस, गिफ्ट या करेंसी एक्सचेंज के नाम पर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत सचेत हो जाएं और नजदीकी साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।
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