Faridabad News : पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय-3 में 37वीं क्षेत्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3, फरीदाबाद में 37वीं क्षेत्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का गरिमामय एवं भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय "Voice of Youth - Vision of New India" रखा गया था, जिसका उद्देश्य छात्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय कार्यप्रणाली और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3, फरीदाबाद में 37वीं क्षेत्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का गरिमामय एवं भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय "Voice of Youth - Vision of New India" रखा गया था, जिसका उद्देश्य छात्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय कार्यप्रणाली और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था। 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृष्ण पाल गुर्जर, केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता एवं सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन), भारत सरकार एवं सांसद, फरीदाबाद ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उनके साथ विशिष्ट अतिथिगण के रूप में प्रवीण जोशी, महापौर फरीदाबाद, सीमा त्रिखा, पूर्व विधायक, आयुष सिन्हा, उपायुक्त फरीदाबाद, सीएस आज़ाद, उपायुक्त, गुरुग्राम संभाग, केंद्रीय विद्यालय संगठन, अनिल कुमार, सहायक आयुक्त, केंद्रीय विद्यालय संगठन, गुरुग्राम संभाग एवं गिरीश चंद, प्राचार्य, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, बंगाणा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन के पश्चात विद्यालय की बालिकाओं द्वारा मधुर एवं मनमोहक स्वागत गान प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात सीएस आज़ाद, उपायुक्त, गुरुग्राम संभाग द्वारा मुख्य अतिथि एवं सभी विशिष्ट अतिथिगण का हरित पौध भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ औपचारिक स्वागत किया गया। स्वागत के उपरांत मंत्री ने अपना प्रेरणादायी आशीर्वचन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं। जो बच्चे आज इस विद्यालय की युवा संसद में पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग ले रहे हैं, मुझे पूर्ण विश्वास है कि कल यही बच्चे देश की असली संसद में बैठकर राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने छात्रों को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए पंच प्रण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया और सभी युवाओं का आह्वान किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हमें आज से ही कर्तव्य पथ पर अग्रसर होना होगा।

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