Mewat/ Tawdu News: रोडवेज बसें खाली, निजी बसें ओवरलोड महीनों से जारी है सड़कों पर यह खेल!
निजी बसों में पांव रखने तक की जगह नहीं, छतों पर जान जोखिम में डालकर सफर; खाली दौड़ती रोडवेज बसों ने खड़े किए कई सवाल
यह मामला केवल आज का नहीं है, बल्कि महीनों से क्षेत्र में यही हाल लगातार देखने को मिल रहा है। आए दिन निजी बसें क्षमता से अधिक यात्रियों को भरकर सड़कों पर दौड़ती नजर आती हैं।
तावडू: यह मामला केवल आज का नहीं है, बल्कि महीनों से क्षेत्र में यही हाल लगातार देखने को मिल रहा है। आए दिन निजी बसें क्षमता से अधिक यात्रियों को भरकर सड़कों पर दौड़ती नजर आती हैं। बसों के अंदर जहां पांव रखने तक की जगह नहीं होती, वहीं आए दिन यात्री बसों की छत पर बैठकर भी सफर करते दिखाई देते हैं। दूसरी तरफ हरियाणा रोडवेज की बसें आए दिन खाली या बेहद कम सवारियों के साथ सड़कों पर दौड़ती नजर आती हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़कों पर यात्रियों की इतनी भारी संख्या मौजूद है तो आखिर रोडवेज बसों में सवारियां क्यों नहीं बैठ रही हैं?

इस स्थिति ने एक और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या रोडवेज चालक-परिचालकों और निजी बस चालक-परिचालकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत तो नहीं है। आखिर ऐसा क्या कारण है कि निजी बसें यात्रियों से ठसाठस भरी रहती हैं और कई बार छत तक सवारियां बैठी होती हैं, जबकि रोडवेज की बसें खाली दौड़ती नजर आती हैं। यह सवाल अब केवल आम लोगों के बीच चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि इसकी निष्पक्ष जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। यदि किसी तरह की लापरवाही, अनियमितता या मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
.jpeg)
लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या हरियाणा रोडवेज की बसें निर्धारित बस स्टॉप पर नहीं रुकतीं। क्या यात्रियों को समय पर बसें नहीं मिलतीं। या फिर रोडवेज चालक-परिचालक सवारियों को लेने में रुचि नहीं दिखाते। जब निजी बस चालक एक-एक सवारी के लिए बस रोकते हुए नजर आते हैं और बसों को क्षमता से अधिक भर लेते हैं, तो रोडवेज बसों का खाली निकल जाना परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निजी बसों की ओवरलोडिंग हादसों को दे रही निमंत्रण:
निजी बसों की ओवरलोडिंग किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। बसों की छतों पर बैठकर सफर करना बेहद खतरनाक है, लेकिन इसके बावजूद महीनों से यह सिलसिला जारी बताया जा रहा है। सवाल यह है कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग आखिर इस ओर कब गंभीरता से कार्रवाई करेगा।
जनता की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि आखिर निजी बसें लगातार ओवरलोड होकर कैसे चल रही हैं और रोडवेज बसों में यात्री क्यों नहीं बैठ रहे हैं।
मामला साफ है महीनों से निजी बसें ओवरलोड होकर दौड़ रही हैं और हरियाणा रोडवेज की बसें खाली। अब परिवहन विभाग को जवाब देना होगा कि आखिर इसके पीछे केवल व्यवस्था की खामी है या फिर किसी प्रकार की मिलीभगत।
एसडीएम जितेंद्र गर्ग का वर्जन:
“मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। हरियाणा रोडवेज के गम को बुलाकर जो भी बेस ओवरलोड चलती है उनको चीज करवा दिया जाएगा और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वयं।

About The Author
संबंधित समाचार



