Palwal News : पलवल जिले को एनसीआर क्षेत्र से बाहर किया जाए, सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने सोमवार को पलवल जिले को एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की मांग को लेकर सीटीएम प्रीति रावत को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत के नेतृत्व में केंद्र सरकार के नाम दिया गया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने सोमवार को पलवल जिले को एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की मांग को लेकर सीटीएम प्रीति रावत को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत के नेतृत्व में केंद्र सरकार के नाम दिया गया। 
रतन सिंह सौरोत ने कहा कि पलवल को एनसीआर में शामिल करने से इलाके को सहूलियतें मिलना तो दूर, उल्टा यह यहां के किसानों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। एनजीटी और एनसीआर के कड़े नियमों के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि जब मनोहर लाल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने खुद अपने गृह जिले करनाल और पानीपत को एनसीआर से बाहर करवाने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी थी। अगर एनसीआर में रहने से फायदे होते, तो मुख्यमंत्री अपने ही जिलों को इससे बाहर निकालने की मांग न करते।
सौरोत ने बताया कि अब एनसीआर के दायरे को 150 किलोमीटर से घटाकर कम किया जा रहा है, जिसके संबंध में 16 जून को दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक होनी है। यूनियन की मांग है कि जिले को भी इस दायरे से तुरंत बाहर किया जाए। एनसीआर का दायरा केवल 50 किलोमीटर होना चाहिए। जिला अध्यक्ष समंदर सिंह चौहान ने कहा कि यूनियन द्वारा 15 जून को जिला उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया है। इसके साथ ही स्थानीय सांसदों और विधायकों को भी इस मांग से अवगत करवाकर समर्थन मांगा जाएगा।
सौरोत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पलवल को एनसीआर से बाहर नहीं किया, तो आने वाले समय में जिले के किसानों को एकजुट कर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान ज्ञान सिंह चौहान, होशियार सिंह, रामबीर गहलब, अशोक कुमार, रामदयाल डागर, प्रभु सौरोत, डालचंद रायदासका, सुमरे गहलब,तेजपाल रावत, राजू मिंड़कोला, भागीरथ आदि मौजूद थे।




