फेक व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अपनी असली पहचान छुपाकर खुद को ऑनलाइन यौन समस्याओं की दवा बेचने वाला हकीम बताकर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे।
नूंह। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अपनी असली पहचान छुपाकर खुद को ऑनलाइन यौन समस्याओं की दवा बेचने वाला हकीम बताकर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी सिम और संदिग्ध चैटिंग बरामद हुई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर थाना नूंह की टीम से उप निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में अडबर चौक पर साइबर अपराध रोकथाम के लिए गश्त पर मौजूद थी। इसी दौरान सूचना मिली की राजस्थान के जिला डीग के थाना सीकरी क्षेत्र के गांव बुढली निवासी सकील पुत्र मजलिश और मुनफैद पुत्र जबर खान पलवल टी-प्वाइंट के पास सर्विस रोड पर बैठकर ऑनलाइन साइबर ठगी कर रहे हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर थाना नूंह की टीम से उप निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में अडबर चौक पर साइबर अपराध रोकथाम के लिए गश्त पर मौजूद थी। इसी दौरान सूचना मिली की राजस्थान के जिला डीग के थाना सीकरी क्षेत्र के गांव बुढली निवासी सकील पुत्र मजलिश और मुनफैद पुत्र जबर खान पलवल टी-प्वाइंट के पास सर्विस रोड पर बैठकर ऑनलाइन साइबर ठगी कर रहे हैं।सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी और दोनों युवकों को काबू कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सकील पुत्र मजलिश और मुनफैद पुत्र जबर खान निवासी गांव बुढली थाना सीकरी, जिला डीग राजस्थान बताई। तलाशी के दौरान सकील के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें कोई सिम नहीं लगी थी, लेकिन उसमें व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट मेडिसन नाम से लॉगिन मिला। मोबाइल की जांच में कई संदिग्ध चैट, फोटो और स्कैनर स्क्रीनशॉट पाए गए। वहीं दूसरे आरोपी मुनफैद के पास से भी मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें दो सिम लगी हुई थीं। उसके मोबाइल में अमेज़ॉन नाम से व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट लॉगिन मिला और उसमें भी संदिग्ध चैटिंग व फोटो पाए गए।
दोनों आरोपी फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी करते थे। पूछताछ में आरोपी बरामद मोबाइल, सिम और चैटिंग के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। आरोपियों ने बरामद सिम कार्ड को साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाली फर्जी सिम बताया। दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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