Narnaul News: पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन, स्पॉन्सरशिप एंड फोस्टर केयर व दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) कार्यक्रमों की एडीसी ने की समीक्षा
हरियाणा सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग की मिशन वात्सल्य की स्पॉन्सरशिप स्कीम के तहत जिले में अनाथ, बेसहारा और विशेष परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्य हो रहा है।
नारनौल: हरियाणा सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग की मिशन वात्सल्य की स्पॉन्सरशिप स्कीम के तहत जिले में अनाथ, बेसहारा और विशेष परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्य हो रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में बाल कल्याण और बच्चों के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत मिलने वाले लाभों की प्रगति जांची। जिले में इस योजना के तहत वर्तमान में ढाणी-बाठोठा गांव के दो लाभार्थी बच्चे लाभांवित हो रहे हैं। इन दोनों बच्चों ने कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया था। प्रशासन की देखरेख में लक्की वर्तमान में बी.ए. तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है, जबकि प्रिंस स्नातक पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है। इन बच्चों को विभाग की ओर से 18 वर्ष की आयु तक 4000 रुपये प्रति माह की स्पॉन्सरशिप, 12,000 रुपये सालाना और 500 रुपये सालाना की अन्य वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।
इसके अलावा सरकार की ओर से दोनों बच्चों के नाम 10-10 लाख रुपए की सावधि जमा (एफडी) की गई है, जिससे उन्हें 5500 रुपये प्रति माह ब्याज की राशि मिल रही है। यह संचित राशि बच्चे 23 साल की उम्र होने के बाद निकाल सकेंगे। इस राशि के सही उपयोग और बच्चों के आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण भी दिलवाया गया है।
इसी तरह स्पॉन्सरशिप एंड फोस्टर केयर अप्रूवल कमेटी की बैठक में बच्चों के कल्याण के लिए कई निर्णय लिए गए। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा प्रायोजित स्पॉन्सरशिप योजना के तहत वर्तमान में 75 लाभार्थियों को कमेटी द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावलिया ने निर्देश दिए कि नए प्राप्त आवेदनों की पात्रता, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और परिवार की आय का पूरी तरह सत्यापन करके पात्र बच्चों को वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाए। उन्होंने कहा कि अनाथ, एकल अभिभावक और गंभीर बीमारी से प्रभावित बच्चों को इस योजना के तहत प्राथमिकता दी जाए।

About The Author
संबंधित समाचार



