Nuh Mewat News: साइबर अपराध पर नकेल, नूंह में पुलिस की सख्ती और जागरूकता अभियान से 52 प्रतिशत तक घटे साइबर क्राइम हॉटस्पॉट ।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र दिल्ली ने की नूंह पुलिस की प्रशंसा ।
कभी देशभर में साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के रूप में चर्चित रहा नूंह जिला अब साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता अभियानों के कारण नई पहचान बना रहा है।
नूंह: कभी देशभर में साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के रूप में चर्चित रहा नूंह जिला अब साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता अभियानों के कारण नई पहचान बना रहा है।
साइबर कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा देशभर में चलाए जा रहे अभियान और सख्त कार्रवाई के बीच नूंह जिले में भी पुलिस लगातार साइबर अपराध पर शिकंजा कस रही है। पुलिस की सतत/तुरंत कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते जिले में साइबर अपराध से जुड़े हॉटस्पॉट में करीब 52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक नूंह डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि नूंह पुलिस साइबर अपराध को रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में साइबर टीमों की नियुक्ति की गई है, जहां प्रशिक्षित साइबर विशेषज्ञ तकनीकी सहायता के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं।
साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं और मामलों की गहन जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के चलते साइबर ठगी में संलिप्त नेटवर्क पर लगातार दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक बनाना भी साइबर अपराध रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से जिलेभर में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों आदि पर लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड, लोन ऐप्स और सोशल मीडिया ठगी से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है। आम नागरिकों को संदिग्ध कॉल, लिंक और ऑनलाइन लेनदेन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में भी साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, फर्जी वेबसाइटों और अवैध लोन ऐप्स के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है तो वह बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर सूचना दे। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
पुलिस अधीक्षक नूंह ने कहा कि नूंह पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और भविष्य में भी अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

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