पुलिस अधीक्षक हांसी की पहल: यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ई-रिक्शा व ट्रक यूनियन के साथ अहम बैठक, नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश
यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार, आईपीएस द्वारा अपने कार्यालय में ई-रिक्शा प्रतिनिधियों व ट्रक यूनियन प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
हांसी: यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार, आईपीएस द्वारा अपने कार्यालय में ई-रिक्शा प्रतिनिधियों व ट्रक यूनियन प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करना, सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना तथा सभी चालकों का पूर्ण रिकॉर्ड सुनिश्चित करना रहा।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक हांसी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी ई-रिक्शा, ऑटो व अन्य व्यावसायिक वाहन चालक अपने वाहनों पर वैध नम्बर प्लेट व निर्धारित टोकन नम्बर अवश्य अंकित रखें। इसके साथ ही प्रत्येक चालक के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। जिन चालकों का अभी तक सत्यापन नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सभी चालक निर्धारित यूनिफॉर्म में रहें तथा यूनिफॉर्म पर नाम प्लेट अनिवार्य रूप से लगी हो, ताकि उनकी पहचान आसानी से सुनिश्चित की जा सके। नए आने वाले चालकों को भी वाहन संचालन से पूर्व पुलिस सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए यह निर्देश दिए गए कि सभी वाहन चालक केवल निर्धारित स्टॉपेज पर ही अपने वाहन खड़े करें और सवारियों को वहीं से बैठाएं व उतारें। अव्यवस्थित पार्किंग व अनियमित संचालन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने वाहनों में तेज आवाज में संगीत न बजाएं, क्योंकि इससे पीछे से आने वाले वाहनों की आवाज सुनाई नहीं देती और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
पुलिस अधीक्षक ने सभी चालकों से सवारियों के साथ विनम्र, शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की तथा कहा कि यातायात नियमों का पालन करना और पुलिस प्रशासन का सहयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए, ताकि जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का समाधान कर यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।




