महिला आरक्षण बिल गिरने से पहली बार फेल हुए इमोशनल ड्रामे में मोदी: शर्मा

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गत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से देश के नाम जनता को संबोधन किया, उससे पहले देश की जनता ने एक बार तो सोचा था कि यदि प्रधानमंत्री सच में महिलाओं के हितैषी हैं, तो जरूर अपना इस्तीफा देंगे

गुहला चीका: गत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से देश के नाम जनता को संबोधन किया, उससे पहले देश की जनता ने एक बार तो सोचा था कि यदि प्रधानमंत्री सच में महिलाओं के हितैषी हैं, तो जरूर अपना इस्तीफा देंगे और किसी महिला के हाथों देश की बागडोर सौंपेंगे, फिर लगा कि शायद सोई हुई अंतरात्मा जाग गई हो और अपने अहंकारी तथा तानाशाही शासन के लिए माफी मागेंगे लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि फिर एक सोच यह भी आई कि हर आपदा में अवसर का फायदा उठाने वाले मोदी इस महिला आरक्षण के मामले में हुई खुद की किरकिरी का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कोई इमोशनल ड्रामा करेंगे, आंसू जरूर बहाएंगे और अपने इस संबोधन के नाम से महिलाओं की सहानुभूति लेने की नौटंकी करेंगे। यही हुआ। सच में मोदी ने अपनी हार स्वीकारने की अपेक्षा महिला बिल को लेकर कांग्रेस के सिर पर ही ठिकरा फोड़ दिया। उपरोक्त शब्द राहुल गांधी युवा ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लाली शर्मा टटियाना ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहे।

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पत्रकारों से बातचीत करते हुए लाली शर्मा।

उन्होंने कहा कि मोदी को ये समझ लेना चाहिए कि देश की महिलाएं इसे क्षमा करेंगी नहीं। क्षमा मांगनी ही है, तो सबसे पहले वो अपनी धर्मपत्नी से अपने नाकारा होने के लिए क्षमा मांगें, फिर मणिपुर की महिलाओं के साथ हुए अत्याचार तथा उन्नाव व हाथरस की बेटियों के साथ हुए अन्याय पर उनसे क्षमा मांगें, रेपिस्ट प्रज्वला रेवन्ना के मामलों सहित अंकिता भंडारी, कुलदीप सेंगर, बृजभूषण शरण सिंह, चिन्मयानंद व संदीप सिंह के मामलों पर अपनी चुप्पी को लेकर क्षमा मांगनी चाहिए।

लाली शर्मा ने कहा कि इस झूठे, मक्कार, जुमलेबाज, कॉम्प्रोमाइज पीएम, सरेंडर पीएम तथा एप्सटीन फाइल वाले को पूरे देश से माफी मांगनी ही चाहिए, उसे अपने उन बोलों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए, जिसमें उन्होंने अपनी जुबान से कांग्रेस की विधवा, 50 करोड़ की गर्लफ्रैंड, जर्सी गाय, दीदी ओ दीदी व शूर्पणखा जैसी हंसी वाली बातें बोल कर महिला अस्मिता का मखौल उड़ाया था।

उन्होंने कहा कि मोदी को क्षमा मांगना भी चाहिए, अपनी इस जुमलेबाजी के लिए, जिसमें 2023 में महिला आरक्षण संविधान संसोधन बिल पारित हुआ, लेकिन सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए रोक के रखा और अब जब लाया भी, तो परिसिंमन वाला मुद्दा जोड़कर। शर्मा ने कहा कि अपनी इस कुटिल और छल वाली राजनीति के लिए पूरे देशवासियों और देश की महिलाओं से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी ने शायद देशवासियों और यहां की महिलाओं को मूर्ख समझ लिया है, तभी तो देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाले सनकी ट्रंप से 100 बार बेइज्जत होकर भी अपने मुंह से एक शब्द नहीं निकालने वाले मोदी ने, महिला आरक्षण में अपनी खुली पोल को छुपाने और अपनी साजिश पर पर्दा डालने के लिए देश के नाम संबोधन करना पड़ा। इसके लिए मोदी को क्षमा  चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर महिला आरक्षण बिल पास न होने का मोदी को इतना ही दुख है, तो महिला आरक्षण उन्हें आज से ही लागू कर देना चाहिए था। 2023 में जो बिल पास हुआ उसी के अनुसार 543 लोकसभा सीटों में से ही महिला आरक्षण लागू करो, पूरा देश साथ है, लेकिन हम जानते हैं कि ये ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि ये लोग इस महिला आरक्षण की आड़ में वोट की राजनीति की खातिर सिर्फ इमोशनल ड्रामा खेल कर जनता को गुमराह कर सकते हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।

उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की और कहा कि जनता अब मोदी को चौराहे पर बुला रही है और जल्द ही वह समय भी आएगा कि जनता द्वारा नकार दिए गए मोदी सभी को सड़क पर खड़े दिखाई देंगे। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ता भी उनके साथ मौजूद रहे।

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