Kaithal / Gulha Cheeka News: आनलाइन मानिटरिंग सिस्टम 8 महीने तक बंद मिला, जन स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई
दूषित पानी छोडऩे पर भी सख्ती के संकेत, 25 लाख रुपए लगाया जुर्माना
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए चीका स्थित 10 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
गुहला चीका। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए चीका स्थित 10 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जांच के दौरान एसटीपी की आनलाइन मॉनिटरिंग डिवाइस करीब आठ महीने से बंद पाई गई, जिसके चलते प्लांट की निगरानी और प्रदूषण संबंधी आंकड़ों की आनलाइन रिपोर्टिंग प्रभावित हो रही थी।
बोर्ड के निरीक्षण में आया कि एसटीपी की आनलाइन मानिटरिंग डिवाइस अक्टूबर 2025 से 23 जून 2026 तक बंद रही। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित जन स्वास्थ्य विभाग पर 25 लाख रुपए का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया है। कार्रवाई की फाइल आगे की प्रक्रिया के लिए मुख्यालय भेज दी गई है। गंदे पानी के निस्तारण पर भी सख्त निगरानी नियमों के अनुसार एसटीपी में आने वाले सीवरेज के पानी का शोधन (ट्रीटमेंट) करने के बाद ही उसे बाहर छोड़ा जाना चाहिए। हालांकि निरीक्षण के दौरान कई बार यह पाया गया कि बिना उपचारित गंदे पानी को सीधे ड्रेनों में छोड़ा जा रहा था। यही पानी खेतों की सिंचाई में भी उपयोग हो रहा है, जिससे भूजल और पर्यावरण प्रदूषित होने का खतरा बढ़ रहा है।
बीओडी जांच से तय होती है पानी की गुणवत्ता:
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समय-समय पर पानी के नमूनों की जांच करता है। इसमें बीओडी (बायोलॉजिकल आक्सीजन डिमांड) का स्तर मापा जाता है, जिससे पानी में मौजूद जैविक प्रदूषण और बैक्टीरिया की मात्रा का पता चलता है। निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण मिलने पर संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
प्रदूषण बोर्ड का स्पष्ट संदेश:
जब इस सम्बन्ध में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि चीका एसटीपी पर लगाए गए 25 लाख रुपए के जुर्माने की फाइल मुख्यालय भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
क्या कहना है जन स्वास्थ्य विभाग का:
इस सम्बंध में जब जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ इन्द्र राज से बात की गई, तो उन्होनें प्रदूषण विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की पुष्टि की और बताया कि उक्त मामले को लेकर कुछ समय पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के आसपास रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने प्रदूषण विभाग को शिकायत की थी, जिस पर अब कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ला दिया गया है। आगामी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बाद ही कि जाएगी।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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