वृंदावन में भावुक माहौल: प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब, वीडियो से दिया ढांढस
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज ने अस्वस्थता के बीच वीडियो संदेश जारी कर भक्तों से चिंता न करने की अपील की। 9 दिनों से रात्रि पदयात्रा बंद है और किडनी बीमारी से जूझ रहे महाराज ने नाम जप और सेवा में लगे रहने का संदेश देकर श्रद्धालुओं को संबल दिया।
वृंदावन से आई यह खबर श्रद्धा और भावनाओं से भरी हुई है। संत प्रेमानंद महाराज ने अपने शिष्यों और भक्तों के नाम एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया । वीडियो में महाराज कहते हैं— “हम मिलें या न मिलें, बोलें या न बोलें, लेकिन हमारा प्रेम आप सबके साथ है। बस एक ही बात याद रखिए, किसी भी तरह की चिंता मत करिए।” लगभग 1 मिनट 19 सेकेंड का यह संदेश रविवार को केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल पर साझा किया गया, जिसने हजारों भक्तों की आंखें नम कर दीं। वीडियो में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों से कहा कि वे जहां जिस सेवा में हैं, वहीं टिके रहें, निरंतर नाम जप करें और निश्चिंत होकर भजन में लीन रहें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गुरुदेव सदा भक्तों के हृदय और मन में विराजमान रहेंगे। यह संदेश ऐसे समय आया है, जब वृंदावन में बीते 9 दिनों से महाराज की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा बंद पड़ी है।
शिष्यों के अनुसार, महाराज की तबीयत लगातार खराब चल रही है। इसी वजह से वे न तो पदयात्रा कर पा रहे हैं और न ही भक्तों से एकांत मुलाकात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी दोनों किडनियां खराब हैं और उन्हें सप्ताह में 2 से 3 बार डायलिसिस करानी पड़ रही है। पदयात्रा के दौरान शिष्यों ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर भक्तों को सूचित किया कि महाराज जी के स्वास्थ्य को देखते हुए पदयात्रा फिलहाल स्थगित की जा रही है और भीड़ न लगाई जाए। इस घोषणा के बाद हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही भारी मन से लौटते नजर आए। स्वास्थ्य बिगड़ने से पहले प्रेमानंद महाराज रोज तड़के करीब 3 बजे केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल पदयात्रा करते थे। उनके दर्शन के लिए आम दिनों में करीब 20 हजार श्रद्धालु जुटते थे, जबकि वीकेंड और बड़े पर्वों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी। फिलहाल पूरा वृंदावन उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है, और यह वीडियो संदेश भक्तों के लिए किसी हिम्मत से कम नहीं है।




