Palwal News : जिला पलवल का गांव अमरपुर बना जल संरक्षण और जल प्रबंधन की मिसाल : उपायुक्त
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में जिला पलवल के खंड पृथला स्थित ग्राम पंचायत अमरपुर ने जल संरक्षण, जल प्रबंधन और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस व्यवस्था के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है।
पलवल। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में जिला पलवल के खंड पृथला स्थित ग्राम पंचायत अमरपुर ने जल संरक्षण, जल प्रबंधन और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस व्यवस्था के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित आठवें ‘सुजल ग्राम संवाद’ कार्यक्रम में हरियाणा से जिला पलवल की ग्राम पंचायत अमरपुर ने भाग लेकर अपने उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक कुमार मीणा ने की। इस दौरान हरियाणा सहित असम, कर्नाटक, त्रिपुरा और लद्दाख की ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जल प्रबंधन से जुड़े अनुभव साझा किए। हरियाणा की ओर से जिला पलवल की ग्राम पंचायत अमरपुर ने जल संरक्षण, हर घर नल से जल, जल सेवा आंकलन, जल अर्पण दिवस तथा राज्य सरकार की ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस नीति के सफल क्रियान्वयन की जानकारी दी। 
गांव अमरपुर ग्रामीण जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा : उपायुक्त
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने ग्राम पंचायत अमरपुर द्वारा जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुजल ग्राम संवाद में अमरपुर ग्राम पंचायत की भागीदारी और प्रस्तुत कार्यों को मिली सराहना से न केवल ग्राम पंचायत बल्कि पूरे जिला पलवल को गौरव प्राप्त हुआ है। जल संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और प्रभावी संचालन एवं रखरखाव व्यवस्था के चलते गांव अमरपुर आज ग्रामीण जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है। जिला प्रशासन और जल एवं स्वच्छता विभाग को उम्मीद है कि अमरपुर की यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों को भी प्रेरित करेगी और ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने सभी हितधारकों से जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा प्रत्येक गांव में सतत एवं सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामुदायिक सहभागिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जल जीवन मिशन के लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किए जाएंगे और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे नवाचारों, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों तथा सफल मॉडलों पर विस्तृत चर्चा की गई।
महिला नेतृत्व की मिसाल बनीं सरपंच सुशीला पाली :
ग्राम पंचायत अमरपुर की सरपंच सुशीला पाली को कार्यक्रम में विशेष रूप से सराहा गया। एक जागरूक और सक्रिय महिला प्रतिनिधि के रूप में वह स्वयं गांव की पेयजल व्यवस्था की निगरानी करती हैं। नियमित रूप से घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करती हैं कि प्रत्येक परिवार को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो रहा है या नहीं। वे खुले और अवैध जल कनेक्शनों पर टैप लगवाने, पानी की बर्बादी रोकने तथा अनावश्यक जल अपव्यय करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने में भी अग्रणी भूमिका निभाती हैं। उनके प्रयासों से गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ हुई है। कार्यक्रम में विभाग की ओर से जिला सलाहकार कुसुम जांगड़ा, जेई परवीन कुमार, बीआरसी विश्वास, संजय कुमार तथा जलघर ऑपरेटर सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लिया।




