Gurugram News: वाटिका ग्रुप पर ईडी का बड़ा एक्शन, ₹33 करोड़ की संपत्ति जब्त-फ्रीजवाटिका ग्रुप पर ईडी का बड़ा एक्शन, ₹33 करोड़ की संपत्ति जब्त-फ्रीज

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में दिल्ली- एनसीआर के सात ठिकानों पर छापेमारी, ज्वेलरी और लग्जरी कारें भी कार्रवाई के दायरे में

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रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी वाटिका ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दिल्ली-एनसीआर में कंपनी और उससे जुड़े प्रमोटरों व निदेशकों के सात ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त या फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई है। 

गुरुग्राम: रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी वाटिका ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दिल्ली-एनसीआर में कंपनी और उससे जुड़े प्रमोटरों व निदेशकों के सात ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त या फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें ज्वेलरी, तीन लग्जरी वाहन, बैंक खाते और सिक्योरिटीज शामिल हैं।

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ईडी के अनुसार यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की गई। जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मामलों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। आरोप है कि आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने के नाम पर खरीदारों से रकम ली गई, लेकिन निर्धारित प्लॉट उपलब्ध नहीं कराए गए।

₹260 करोड़ लिए, करीब ₹120 करोड़ के प्लॉट दिए:

जांच एजेंसी के मुताबिक वाटिका इंडिया नेक्स्ट और वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 परियोजनाओं से जुड़े मामलों में वर्ष 2010 से 2012 के बीच शिकायतकर्ताओं से करीब ₹260.30 करोड़ लिए गए। इसके बदले लगभग ₹120 करोड़ मूल्य के प्लॉट दिए जाने की बात सामने आई है। ईडी के अनुसार, लंबे समय बीतने के बावजूद कई खरीदारों को उनके प्लॉट नहीं मिले।

जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि परियोजना से जुड़े 14 प्लॉट तीसरे पक्ष को बेच दिए गए, जबकि संबंधित खरीदारों की ओर से इन्हें बेचने की अनुमति नहीं दी गई थी। एजेंसी अब इस पूरे लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले:

तलाशी के दौरान ईडी को प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड, टैली डेटा, कथित फंड ट्रांसफर और धन के इस्तेमाल से संबंधित रिकॉर्ड तथा डिजिटल उपकरण मिले हैं। ईडी के मुताबिक कार्रवाई के दौरान तीन लग्जरी वाहनों, आभूषणों और बैंक खातों/सिक्योरिटीज समेत करीब ₹33 करोड़ की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है। एजेंसी ने मामले में आगे की जांच जारी रहने की बात कही है।

ईडी की कार्रवाई के अहम बिंदु:

₹33 करोड़ की संपत्ति:  ईडी ने करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त या फ्रीज कीं।

7 ठिकानों पर तलाशी: दिल्ली-एनसीआर में वाटिका ग्रुप और उससे जुड़े लोगों के सात परिसरों पर कार्रवाई हुई।

ज्वेलरी और लग्जरी कारें: तीन लग्जरी वाहन और आभूषण भी कार्रवाई के दायरे में आए।

₹260.30 करोड़ की रकम: ईडी के अनुसार 2010-12 के दौरान शिकायतकर्ताओं से करीब 260.30 करोड़ रुपये लिए गए।

₹120 करोड़ के प्लॉट: इसके बदले लगभग 120 करोड़ रुपये मूल्य के प्लॉट दिए जाने की बात जांच में सामने आई।

14 प्लॉट की जांच: 14 प्लॉट कथित तौर पर तीसरे पक्ष को बेचे जाने की भी जांच की जा रही है।

डिजिटल रिकॉर्ड बरामद: प्रॉपर्टी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, टैली डेटा और डिजिटल उपकरण मिले।

जांच जारी: ईडी मामले में फंड के लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की आगे जांच कर रही है।

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