Nuh/Tawdu News: तावडू में यातायात व्यवस्था ध्वस्त, सुबह 8 से रात 10 बजे तक चक्का जाम, डिलीवरी कंपनियों के लंबे ट्रकों ने रोकी शहर की रफ्तार।
तावडू में ट्रैफिक संकट गहराया: बिलासपुर और केएमपी मार्ग समेत सभी रास्ते जाम, दिन में भारी वाहनों की एंट्री पर लगेगा बैन
बुधवार को सुबह 8 बजे से शुरू हुआ वाहनों का भारी काफिला देर रात 10 बजे तक रेंगता नजर आया। तावडू से सोहना-केएमपी धूलावट मार्ग, बिलासपुर रोड, नूंह रोड और रेवाड़ी मार्ग—शहर के चारों दिशाओं के मुख्य रास्तों पर लगे इस भीषण जाम से पूरा नगर पूरी तरह थम गया।
तावडू: बुधवार को सुबह 8 बजे से शुरू हुआ वाहनों का भारी काफिला देर रात 10 बजे तक रेंगता नजर आया। तावडू से सोहना-केएमपी धूलावट मार्ग, बिलासपुर रोड, नूंह रोड और रेवाड़ी मार्ग शहर के चारों दिशाओं के मुख्य रास्तों पर लगे इस भीषण जाम से पूरा नगर पूरी तरह थम गया। हालात इतने गंभीर थे कि ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुटी पुलिस टीम के भी पसीने छूट गए।

जाम की मुख्य वजह:
स्थानीय निवासियों और चालकों के अनुसार नगर के बिलासपुर रोड पर डिलीवरी कंपनियों के अत्यधिक लंबे (कंटेनर व बड़े ट्रकों) वाहनों का लगातार आवागमन इस जाम की सबसे बड़ी वजह बन रहा है। आए दिन सैकड़ों की संख्या में गुजरने वाली इन लंबी गाड़ियों के कारण सड़कें संकरी हो जाती हैं और एक बार मोड़ पर गाड़ी फंसते ही कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है।
थाना प्रभारी की सख्त चेतावनी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर चंद्रभान ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी जारी की है:
केएमपी का करें उपयोग: जितने भी भारी एवं बड़े व्यावसायिक वाहन हैं, वे दिन के समय शहर के भीतर प्रवेश करने के बजाय अनिवार्य रूप से केएमपी (KMP) एक्सप्रेसवे के वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई:
यदि दिन के समय किसी भी डिलीवरी कंपनी या अन्य प्रतिष्ठान की अत्यधिक लंबी और भारी गाड़ियां शहर की सीमाओं में प्रवेश करती पाई गईं, तो उन पर नियमानुसार सख्त चालानी व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती:
देर रात 10 बजे तक स्थिति जस की तस बनी रही और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बावजूद यातायात सुचारू करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तावडू नगर को इस रोज-रोज के ट्रैफिक संकट से स्थाई निजात दिलाना और सभी प्रमुख मार्गों पर आवागमन सामान्य बनाना फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बना हुआ है।




