Rewari News: पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क के डिजिटल जाल से रहें सावधान, एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस
युवाओं को सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान, लालच और भावनात्मक जुड़ाव के जरिए निशाना बनाए जाने की आशंका।
रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने रेवाडी जिले के युवाओं को सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाले संदिग्ध संपर्कों के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने ऐसे मामले आए हैं जिनमें पाकिस्तान-आधारित खुफिया नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव्स ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय लोगों से संपर्क करने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।
रेवाड़ी: रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने रेवाडी जिले के युवाओं को सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाले संदिग्ध संपर्कों के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने ऐसे मामले आए हैं जिनमें पाकिस्तान-आधारित खुफिया नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव्स ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय लोगों से संपर्क करने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।

एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि डिजिटल दुनिया में किसी अनजान व्यक्ति की पहचान केवल उसकी प्रोफाइल देखकर सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसलिए सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती, संदिग्ध नौकरी के प्रस्ताव, आर्थिक लालच या निजी बातचीत के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
इन तरीकों से युवाओं को बनाया जा सकता है निशाना:-
फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से दोस्ती: फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी नाम और फोटो से प्रोफाइल बनाकर दोस्ती की जा सकती है। बातचीत बढ़ाकर निजी फोटो, वीडियो, मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है।
भावनात्मक जुड़ाव और हनीट्रैप: किसी अनजान व्यक्ति द्वारा लगातार बातचीत, भावनात्मक संबंध या निजी बातचीत के माध्यम से विश्वास हासिल करने के बाद संवेदनशील जानकारी लेने अथवा ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा सकता है। सुरक्षा संबंधी संस्थाओं ने सोशल मीडिया आधारित हनीट्रैप के जोखिम को लेकर पहले भी चेतावनी दी है।
नौकरी और ऑनलाइन कमाई का लालच: वर्क फ्रॉम होम, डेटा एंट्री, ऑनलाइन टास्क या ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर युवाओं से फोटो, दस्तावेज, मोबाइल नंबर, लोकेशन या अन्य जानकारी मांगी जा सकती है। ऐसे किसी प्रस्ताव को बिना सत्यापन स्वीकार न करें।
विदेशी नंबरों से संदिग्ध संपर्क: +92 अथवा किसी अन्य विदेशी या अनजान नंबर से आने वाली संदिग्ध कॉल, संदेश या व्हाट्सएप लिंक पर सावधानी बरतें। लॉटरी, इनाम, नौकरी या आर्थिक लाभ का लालच देकर भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी प्रकार का भुगतान न करें।
धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग: किसी व्यक्ति या समूह द्वारा सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने, उकसाने या देश विरोधी गतिविधियों के लिए प्रभावित करने का प्रयास किया जाए तो उससे दूर रहें और पुलिस को सूचना दें।
संवेदनशील जानकारी साझा करना पड़ सकता है भारी: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी ने कहा कि युवा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ सैन्य या सुरक्षा प्रतिष्ठानों की फोटो, वीडियो, लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था, सरकारी संस्थानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी छोटी या सामान्य दिखाई दे सकती है, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। हाल के एक मामले में एनआईए ने पाकिस्तान-आधारित ऑपरेटिव्स से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क की जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संवेदनशील दस्तावेज बरामद किए थे।
जाल में फंसने पर न केवल आर्थिक नुकसान, बल्कि कानूनी परेशानी भी: किसी संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में आकर यदि कोई व्यक्ति गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल हो जाता है या संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराता है तो उसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई संदिग्ध कार्य न करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
रेवाड़ी पुलिस की युवाओं से विशेष अपील:- अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें।
- +92 या अन्य विदेशी नंबरों से आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों से सतर्क रहें।
- लॉटरी, इनाम, नौकरी या ऑनलाइन कमाई के लालच में अपनी जानकारी या पैसे साझा न करें।
- निजी फोटो, वीडियो और दस्तावेज अनजान लोगों को न भेजें।
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को अपनी लोकेशन या संवेदनशील स्थान की जानकारी न दें।
- किसी संदिग्ध गतिविधि या संपर्क की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
- यदि कोई व्यक्ति ब्लैकमेल करे तो डरें नहीं और चैट, नंबर तथा अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखें।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि देश की सुरक्षा में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। युवाओं को सोशल मीडिया का इस्तेमाल जागरूकता और सावधानी के साथ करना चाहिए। संदिग्ध संपर्क या गतिविधि की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचाना ही सबसे सुरक्षित कदम है।

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